बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर जहां एक ओर तिब्बतियों, भोटिया समुदाय के लोगों ने सुख निवास स्थित बौद्ध मठ में पूजा-अर्चना करने के बाद नगर परिक्रमा कर नगर और विश्व की शांति के लिए विशेष प्रार्थना सभा की। वहीं दूसरी ओर शिल्पकार सभा ने बैठक कर भगवान बुद्ध के बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इधर आज पूरे दिन तिब्बती, भोटिया मार्केट भी बंद रही।
सुबह के वक्त बौद्ध मठ के पुजारियों छोड़क, गैसी, कुनछुक आदि के नेतृत्व में पूजा अर्चना की गई। उसके बाद सभी लोगों ने बौद्ध ग्रंथ को लेकर नगर परिक्रमा शुरु की। बौद्ध मठ से शुरू हुई यह परिक्रमा तल्लीताल बाजार, राजभवन मार्ग, शेरवुड, बारापत्थर, आल्मा काटेज, स्नोव्यू होते हुए बौद्ध मठ में जाकर संपन्न हुई।
जगह-जगह पर लोगों ने इनका स्वागत किया। इस मौके पर सभी ने नगर के साथ ही विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। इसके अलावा बीते दिनों नेपाल, तिब्बत में भूंकप से मारे गए लोगों की आत्मा की शांति को प्रार्थना की गई और घायलों के स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।
कार्यक्रम में तेनजिग छोपल, टासी डोलमा, सेरिंग पेलकी, सेरिंग तोपगिल, पीजी सिथार, ईशी थोपथेन, सांगमो, लोपसंग डोलमा, तेनजिंग टिल्ले, डोलमा, श्याम सिंह खंपा, आनंद सिंह खंपा, पान सिंह, छीमी समेत तिब्बती, भोटिया समुदाय के लोग मौजूद थे। इधर, शिल्पकार सभा की बैठक अध्यक्ष भगवत प्रसाद की अध्यक्षता में हुई जिसका संचालन महामंत्री रमेश चंद्रा ने किया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि हमें महात्मा बुद्ध की ओर से दिए गए समता, बंधुत्व, प्रेम व अहिंसा के मार्ग को अपनाना चाहिए।