हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में तीन वेंटिलेटर और आठ मॉनिटर खराब हो गए हैं। हाइपोक्लोराइट से सैनिटाइज कराना इसका कारण बना। जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए मेडिकल कॉलेज प्रशासन वार्ड ब्वाय समेत अन्य कर्मियों को चेतावनी देकर मामला निपटाने की तैयारी है।
बता दें कि ट्रामा आईसीयू के तीन वेंटिलेटर और आठ डी फेबलीलेटर/मॉनिटर खराब हुए हैं। हाइपोक्लोराइट से सैनिटाइज कराने के बाद इनमें खराबी है। उक्त उपकरण खराब होने के बाद प्राचार्य को एक डाक्टर ने पत्र लिखकर इसको ठीक कराने की बात कही। सूत्रों के अनुसार प्राचार्य इस मूड में थे कि कंपनी के इंजीनियर को बुलाकर खराब होने संबंधी रिपोर्ट ली जाएगी। रिपोर्ट में खराबी का पता चलने के बाद जिम्मेदारी से रिकवरी की संस्तुति करते हुए एसटीएच के नोडल अधिकारी और शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। अगर मामले को निपटाने के लिहाज से वार्ड ब्वाय और कुछ अन्य कर्मियों को चेतावनी देकर इतिश्री कर ली गई।
प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा से जब इस संबंध में पूछा तो बोले कि कंपनी के इंजीनियर को उक्त उपकरण ले गया है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले के खिलाफ कार्रवाई करेंगे तो इस पर प्राचार्य मौन साध गए। बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसे गैर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन कब कार्रवाई करेगा।
कंट्रोल रूम में ड्यूटी से नदारद रहे कर्मचारी
हल्द्वानी। एसटीएच में मरीजों का हालचाल जानने के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर की पहले ही दिन हवा निकल गई। लोग मरीजों का हालचाल जानने के लिए कंट्रोल रूम के नंबर पर फोन करते रहे, मगर किसी ने फोन तक नहीं उठाया।
सोमवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन कंट्रोल रूम स्थापित करते 05946234204 हेल्पलाइन नंबर जारी किया था। दावा किया था कि हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सातों दिन काम करेगा। कंट्रोल रूम में शिफ्टवार कर्मियों की ड्यूटी लगाने की बात कही थी। मंगलवार से सेवा शुरू करने का दावा भी किया था। दिनभर उक्त नंबर पर लोग अपने मरीजों का हालचाल जानने के लिए फोन करते रहे मगर किसी ने फोन तक नहीं उठाया।
इस संबंध में राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा का कहना है कि आज ट्रायल चल रहा था, बुधवार से व्यवस्था सुधर जाएगी।