हल्द्वानी। आगामी आठ अप्रैल से मार्च 2025 तक पांच ग्रहण लगेंगे। इनमें तीन सूर्य और दो चंद्रग्रहण होंगे। हालांकि ज्योतिष गणना के अनुसार ग्रहण भारत में दृश्यमान न होने के कारण इनका विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पर्व निर्णय सभा के अध्यक्ष जगदीश चंद्र भट्ट ने बताया कि पहला सूर्यग्रहण सोमवार आठ अप्रैल को लग रहा है। यह खगास सूर्य ग्रहण है जो रात 9:12 बजे से उसी रात 2:23 मिनट तक रहेगा। 18 सितंबर को सुबह 7:43 बजे से 8:46 बजे तक चंद्रग्रहण लगेगा। तीसरा ग्रहण कंकड़ सूर्य ग्रहण है जो दो अक्तूबर की रात 9:13 बजे से शुरू होकर उसी रात 3:17 बजे तक रहेगा। चौथा ग्रहण 14 मार्च 2025 में लगेगा जो कि चंद्रग्रहण होगा। यह सुबह 10:40 बजे से शुरू होगा और उसी दिन दोपहर 2:18 बजे तक प्रभावी रहेगा। उसी माह 29 मार्च को आंशिक सूर्यग्रहण भी लगेगा जो दोपहर 2:21 बजे से शाम 6:14 बजे तक प्रभावी रहेगा। उन्होंने बताया कि यह सभी ग्रहण भारत में नहीं दिखेंगे। असल में ग्रहण जिस जगह दिखाई देता है उसी जगह उसका प्रभाव पड़ता है। इस लिहाज से इसका सूतक और अन्य प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।