कांग्रेस के बूथ, बाजार, ब्लॉक, जिला और प्रदेश के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के सम्मेलन में बृहस्पतिवार को जमकर हंगामा हुआ। श्रम मंत्री के मंच पर पहुंचते ही ‘पीडीएफ हटाओ और कांग्रेस बचाओ’ का नारा लगने लगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर भी कार्यकर्ता नहीं माने।
प्रदेश अध्यक्ष की कार्रवाई की धमकी के साथ ही नारेबाजी कर रहे लोगों से सम्मेलन चले जाने को कह दिया। जिस पर लालकुआं से कांग्रेस के दावेदार हरेंद्र बोरा, बीना जोशी और किरन डालाकोटी के समर्थक नारेबाजी करते हुए चले गए।
नैनीताल रोड स्थित बैंक्वेट हॉल में कांग्रेस का सम्मेलन था। सम्मेलन में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से तीन मुद्दे और तीन सुझाव लिए जाने थे। हालांकि, सम्मेलन कुछ ही देर में सभा में तब्दील हो गया। मुख्यमंत्री अपने तय समय से करीब सवा घंटा देर से पहुंचे। उनके साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, श्रम मंत्री हरीश दुर्गापाल, वित्त मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश, राजस्व मंत्री यशपाल आर्य और विधायक ललित फर्स्वाण थे।
श्रम मंत्री हरीश दुर्गापाल को मंच पर देखते ही हरेंद्र बोरा, बीना जोशी और किरन डालाकोटी के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के समझाने के बाद भी वे नहीं माने। समर्थक ‘पीडीएफ हटाओ और कांग्रेस बचाओ’ के नारे लगा रहे थे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने नारेबाजी कर रहे लोगों से आह्वान किया कि अपनी जगह पर बैठ जाएं, उनकी भी बात सुनी जाएगी।
लेकिन, गुस्साए कार्यकर्ता दुर्गापाल को मंच से हटाने की जिद पर अड़े थे। इस बीच उपाध्याय ने नारेबाजी कर रहे लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की चेतावनी दी। साथ ही कह दिया कि जो लोग सम्मेलन से जाना चाहते हैं, जा सकते हैं। इस पर गुस्साए कार्यकर्ताओं ने कुर्सियां पलट दीं और नारेबाजी करते हुए मैदान से बाहर चले गए।
हरेंद्र बोरा ने साफ तौर पर कहा कि लालकुआं से किसी भी कांग्रेस दावेदार को टिकट दिया जाता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन पीडीएफ को टिकट दिया गया तो पुरजोर विरोध किया जाएगा। समर्थकों ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व ने अगर तानाशाही रवैया नहीं छोड़ा तो चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। लालकुआं विधानसभा से विरोध की जो चिंगारी उठेगी, उसका असर आसपास की विधानसभा सीटों पर भी दिखाई पड़ेगा।