राज्य में विद्युत उत्पादन की स्थिति खस्ताहाल है। उत्पादन और मांग में अंतर बढ़ने के कारण तीन दिन बाद मंगलवार को फिर डेढ़ घटने की कटौती हुई।
उमस भरी गर्मी में बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन के जल विद्युत गृहों से सोमवार को 17.07 मिलियन यूनिट उत्पादन हुआ, जबकि मांग 38.63 मिलियन यूनिट थी।
केंद्रीय सेक्टर और अन्य स्रोतों से मिलाकर कुल उपलब्धता 36.40 मिलियन यूनिट रही। मंगलवार को जल विद्युत गृहों से महज 14.38 मिलियन यूनिट उत्पादन हुआ, जबकि मांग 39 मिलियन यूनिट से अधिक पहुंच गई।
ट्रांसमिशन लाइनों पर ओवरलोड होने के कारण खरीदी गई बिजली राज्य को नहीं मिल पाई। ऊधमसिंह नगर में चार घंटे, कुमाऊं के छोटे शहरों में तीन घंटे, हल्द्वानी और काशीपुर में डेढ़ घंटे बिजली कटौती हुई।
पावर कारपोरेशन ने बुधवार को कटौती से बचने के लिए इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से लगभग 8.50 मिलियन यूनिट बिजली खरीद ली है।
खास बात यह है कि पिछले एक सप्ताह से पावर कारपोरेशन बिजली खरीद रहा है, मगर किसी न किसी तकनीकी खामी के कारण बिजली नहीं मिल पा रही है।