नैनीताल। जिला न्यायालय परिसर में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक हत्यारोपी ने दोष साबित होने के बाद कोर्ट के आदेश के बावजूद पहले तो ऑर्डर सीट पर हस्ताक्षर करने से मना दिया और बाद में न्यायाधीश को ही धमकी दे डाली। कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी को कोर्ट परिसर से बाहर कर दिया गया। इसके बाद आरोपी की बैरक में मौजूद कैदियों के साथ भी झड़प हो गई।
सोमवार को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार के न्यायालय में हल्द्वानी में जुलाई 2014 में हुए व्यवसायी योगेश कुमार गुप्ता की हत्या के मामले में सुनवाई हुई। बहस के बाद कोर्ट में दोनों हत्यारोपियों संजीव जायसवाल और राहुल राठौर पर हत्या का दोष साबित हो गया। दोष साबित होने के बाद न्यायाधीश विनोद कुमार ने हत्यारोपियों से आदेश (ऑर्डर सीट) पर हस्ताक्षर करने को कहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हत्यारोपी राहुल राठौर ने ऑर्डर सीट पर हस्ताक्षर करने से मना करते हुए न्यायालय कक्ष में ही पीठासीन अधिकारी (न्यायाधीश) को धमकी दी कि उन्होंने हत्या का दोष साबित कर गलती कर दी इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। इससे न्यायालय कक्ष में हड़कंप मच गया।
न्यायालय कक्ष में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने कोर्ट के निर्देश के बाद राठौर को न्यायालय कक्ष से बाहर कर दिया और पास में मौजूद बैरक में ले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बैरक में पहुंचने के बाद हत्यारोपी की वहां मौजूद अन्य कैदियों से भी झड़प हुई जिसके बाद आनन-फानन में राठौर को बैरक से बाहर निकाल लिया गया और बैरक में मौजूद अन्य कैदियों को वापस जेल रवाना कर दिया गया।
सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष विजय मेहता और उपनिरीक्षक दिलीप कुमार भी न्यायालय परिसर में पहुंचे। इस मामले में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल व जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र भेजा है। थानाध्यक्ष विजय मेहता ने बताया कि मामले में तहरीर नहीं मिली है।
सजा पर सुनवाई 26 को होगी
सोमवार को अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने कोर्ट के समक्ष दोनों आरोपियों पर हत्या का आरोप साबित करने के लिए 25 गवाह पेश किए। शर्मा ने न्यायालय के समक्ष रखे अपने तर्कों से यह भी साबित किया कि हत्या के समय उक्त दोनों लोग वहीं थे, जहां व्यापारी योगेश गुप्ता की हत्या हुई थी। प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार ने दोनों आरोपियों पर हत्या का दोष साबित मानते हुए सजा पर सुनवाई के लिए 26 फरवरी की तिथि तय कर दी। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
2014 में गोली मारकर की थी हत्या
अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि 20 जुलाई 2014 को मुनगली गार्डन हल्द्वानी निवासी जुगल किशोर गुप्ता पुत्र राम प्रसाद गुप्ता ने कोतवाली में तहरीर में कहा था कि 20 जुलाई को उनके भाई योगेश कुमार गुप्ता रात करीब आठ बजे सदर बाजार से अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। जैसे ही वह मोहल्ले के पास पहुंचे तभी रात करीब 8:40 बजे पीछे से आए दो लोगों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी और फरार हो गए। वहां मौजूद लोग योगेश कुमार को अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को चश्मदीद बिहारी लाल और मदन मोहन जोशी ने बताया कि योगेश कुमार गुप्ता को संजीव जायसवाल निवासी बरेली रोड और राहुल राठौर निवासी वार्ड पांच रुद्रपुर ने तमंचे से गोली मारी और दोनों बाइक से फरार हो गए। पुलिस ने उसी रात दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से आला कत्ल तमंचा और खोखे आदि बरामद किए। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद से ही मामला न्यायालय में विचाराधीन था लेकिन न्यायालय में पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान दोनों चश्मदीद गवाह बिहारी लाल और मदन मोहन जोशी न्यायालय के समक्ष अपने पूर्व के बयानों से मुकुर गए।