प्रदेश की राजधानी देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था के सुधार के बाद अब हल्द्वानी में भी बुलेट सवार काली वर्दी वाली सिटी पेट्रोल यूनिट (सीपीयू) के जवान पेट्रोलिंग करते नजर आएंगे। पुलिस मुख्यालय ने 45 जवानों की प्रशिक्षित टीम को नैनीताल भेजा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये जवान हाईवे पर तेज रफ्तार में वाहन चलाने और आड़े-तिरछे वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेंगे। कुमाऊं में पहली बार यह व्यवस्था लागू होने जा रही है। नैनीताल जिले के बाद ऊधमसिंह नगर जिले के शहरों भी यह प्रयोग किया जाएगा।
एसएसपी सेंथिल अबुदई ने बताया कि जवानों को पुलिस मुख्यालय की तरफ से बुलेट और अन्य संसाधनों से लैस किया जाएगा। इस टीम में शामिल पुलिसकर्मी बाइक या स्कूटी पर बगैर हेलमेट पहने तीन सवाराें और सड़क पर तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों की वीडियोग्राफी कर तत्काल कार्रवाई करेंगे। पहले इन जवानों को एक सप्ताह तक स्थानीय पुलिस भीड़भाड़ अर्थात जाम वाली जगहों के बारे में बताया जाएगा।
जल्द ही ऊधमसिंह नगर जिले में भी पुलिस मुख्यालय इसी प्रकार की टीम भेजेगी। इस मामले में मुख्यालय से एसएसपी के पास पत्र आया है। डीजीपी ने देहरादून और हरिद्वार में सफल प्रयोग के बाद नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में सीपीयू चलाने का निर्णय लिया है। एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि सीपीयू शुरू कराने की तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है।
क्या है सीपीयू
सिटी पेट्रोल यूनिट (सीपीयू) के जवान बुलेट पर सवार रहते हैं। उनके हेलमेट में पब्लिक एड्रेस सिस्टम (पीएएस) लगा होता है। उनके पास वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था रहती है। कहीं जाम लगने पर सीपीयू तत्काल कार्रवाई कर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने में माहिर होती है। यह तेज गति से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करती है।
विवादों में भी रही है सीपीयू
पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर देहरादून में चल रही सीपीयू की व्यवस्था विवादों में भी रही है। खासकर सीपीयू की ओर होने वाली वीडियोग्राफी, जिसे लेकर महिलाओं की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई कि उनकी निजता का हनन हो रहा है। हालांकि पुलिस का तर्क है कि वीडियोग्राफी का उद्देश्य नियम तोड़ने वाले से संबंधित साक्ष्य जुटाना है। सीपीयू की सख्त कार्यप्रणाली ने भी जनप्रतिनिधियों और वीआईपी लोगों परेशानी में डाला। नियम तोड़ने वाले कई विधायकों के चालान भी सीपीयू ने किए, जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री पहुंची। बावजूद देहरादून की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने में सीपीयू की अहम भूमिका रही।
यहां भी ट्रैफिक सुधारने की जरूरत
पिथौरागढ़, अल्मोड़ा सिटी, रुद्रपुर, नैनीताल, काशीपुर, जसपुर,