फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस मां ने बेटे को आईएएस बना दिया

Sun, 14 May 2017 01:34 AM IST
नवीन सक्सेना
विज्ञापन
Mothers day
विज्ञापन
उच्चशिक्षा निदेशक पद से तीन साल पहले रिटायर हुईं डॉ. मुकुल पंत का संघर्ष  भी कम प्रेरणाप्रद नहीं है। शादी के दो साल बाद ही पति की मौत के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। न सिर्फ अपना मुकाम बनाया बल्कि मुश्किलों से मुकाबला करते हुए पति के समनों को साकार करने के लिए बेटे को आईएएस भी बनवा दिया। 
विज्ञापन


हल्द्वानी के आदर्श नगर गली नंबर चार निवासी डॉ. मुकुल पंत के पिता नारायण दत्त पंत महात्मा गांधी इंटर कॉलेज और मां हीरा शर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में टीचर थीं। मुकुल पंत ने 1972 में हिंदी विषय से एमए किया और एक वर्ष बाद ही नैनीताल के डीएसबी कॉलेज में उनकी नौकरी लग गई।

1977 में उनकी शादी पिथौरागढ़ के जाखपंत निवासी पीसीएस अधिकारी यूडी पंत के साथ हुई। लेकिन 1979 में बांदा में पोस्टिंग के दौरान पति का आकस्मिक निधन हो गया। अचानक जिंदगी में दु:खाें का पहाड़ टूटने पर मुकुल पंत ने हिम्मत नहीं हारी और अपने एक वर्षीय बेटे विजय विश्वास पंत के साथ जिंदगी के रास्ते पर आगे बढ़ने का फैसला किया।
विज्ञापन


पति की मौत के बाद  मुकुल पंत को परिवार के लोग हल्द्वानी लेकर चले आए और उनका तबादला बांदा के महिला कालेज से रानीखेत करवा दिया। डॉ. पंत ने नौकरी करने के साथ ही बेटे को समाज में कुछ अलग बनकर दिखाने के लिए प्रेरित किया।

निर्मला कान्वेंट स्कूल से दसवीं पास करने के बाद विजय ने सेंटपॉल्स स्कूल से 12 वीं पास किया फिर आईआईटी कानपुर से 2002 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। 

मुकुल पंत बताती हैं कि बेटा इंजीनियर बनना चाहता था लेकिन वह पति के अधूरे सपने को पूरा करना चाहती थीं। दबाव डालकर एक बार आईएएस की तैयारी करने को कहा तो कड़ी मेहनत के बल पर वह 2004 में आईएएस बन गया। इस समय वह केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र के पीएस हैं। डॉ. मुकुल पंत उच्चशिक्षा विभाग में वर्ष 2012 में निदेशक बनीं और 30 जून 2014 को सेवानिवृत्त हुईं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें