पूरे जिले में सफाई पखवाड़ा मनाया जा रहा है। जिले के मुखिया सहित आला अधिकारी सफाई के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। इसके विपरीत मंगलपड़ाव से तीनपानी तक नहर कूड़े से पटी पड़ी है। ये हाल तब है जब यहां से जिले के मुखिया से लेकर बड़े अधिकारी गुजरते हैं।
मंगलपड़ाव से तीनपानी तक की नहर सिंचाई विभाग के अधीन है। सिंचाई विभाग की ओर से इसकी सफाई तीन वर्ष पहले कराई गई थी। तब से इसकी सफाई नहीं हुई है। इस समय पूरे जिले में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद जिले के अधिकारियों की इस नहर पर नजर नहीं जा रही है। यह नहर पूरी तरह चोक हो चुकी है। हल्की बारिश में भी लोगों की दुकान और सड़क पर पानी बहने लगता है। कई बार लोग इसकी शिकायत नगर निगम और सिंचाई विभाग से कर चुके हैं, लेकिन सिंचाई विभाग ने इसकी सुध नहीं ली है। उधर, नगर निगम के अधिकारी भी इसकी ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हाल यह है कि इस सिंचाई नहर में नगर निगम का गंदा पानी भी जाता है।
सवाल उठ रहा है कि तीन साल से कोई भी विभाग इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहा है। जबकि नगर निगम सहित सभी विभाग सफाई के बड़े-बडे़ दावे कर रहे हैं। उपनगर आयुक्त नीरज जोशी ने बताया कि यह नाला सिंचाई विभाग के अधीन है। नियमानुसार इसकी सफाई सिंचाई विभाग को करानी चाहिए।