नगर निगम ने पांच दिन पहले बरामद पॉलिथीन और डिस्पोजेबल की गिनती पूर्ण करने के बाद शुक्रवार को पांच व्यवसायियों को नोटिस जारी कर दिए। निगम प्रशासन ने इन पांच व्यवसायियों पर करीब साढ़े 32 करोड़ का जुर्माना लगाया है।
वहीं, निगम सीमा से बाहर के व्यवसायियों से बरामद पॉलिथीन पर अभी प्रशासन जुर्माने की राशि तय नहीं कर सका है। बरामद पॉलिथीन और डिस्पोजेबल के संख्या के आधार पर आरोपियों पर जुर्माना राशि का निर्धारण करने के लिए मंडी सचिव और नगर निगम के सहायक नगर अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासन और नगर निगम की टीम ने पांच दिन पहले कई व्यवसायियों के गोदामों और दुकानों पर छापामारी कर बड़े पैमाने पर पॉलिथीन और थर्माकोल की सामग्री बरामद की थी। प्रतिबंधित पॉलिथीन कई ट्रक बरामद होने के कारण निगम के कर्मचारी कई दिनों से इसकी गिनती करने में लगे थे।
इसकी गिनती पूरी होने के बाद व्यवसायियों पर जुर्माना राशि का निर्धारण कर शनिवार को नोटिस जारी किया गया था। सहायक नगर अधिकारी दिलीप कपूर की रिपोर्ट के आधार पर नगर आयुक्त एवं सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा ने जुर्माना लगाने की कार्रवाई की।
सिटी मजिस्ट्रेट मिश्रा ने बताया कि मैसर्स चौहान के संचालक अरविंद चौहान पर करीब तीन करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि मो. सरफराज पर पांच हजार, इनायत उल्ला पर करीब दो करोड़, दलीप केसरवानी पर एक करोड़ 21 लाख और प्रमोद सिंह (शराब व्यवसायी) पर 26.55 करोड़ का जुर्माना लगाया है।
उन्होंने बताया कि नोटिस में दी गई अवधि में व्यवसायियों ने अगर जुर्माने की राशि नहीं चुकाई तो आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नगर निगम ने जुर्माना लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली मगर निगम सीमा से बाहर थोक मंडी के गोदामों में बरामद पॉलिथीन पर अभी जुर्माना तय नहीं हो सका है।
एसडीएम एपी बाजपेयी ने बताया कि सहायक नगर अधिकारी और मंडी सचिव को इसका मिलान कर जुर्माना राशि का निर्धारण करने की जिम्मेदारी दी गई है। इनकी रिपोर्ट मिलने पर नोटिस दिया जाएगा।