पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने स्कूलों के लिए फीस वृद्धि से लेकर एडमिशन शुल्क तक के बारे में गाइड लाइन जारी कर दी है। एसोसिएशन ने इस बारे में लिए गए फैसलों के बारे में सिटी मजिस्ट्रेट को भी अवगत कराया है।
सिटी मजिस्ट्रेट आरडी पालीवाल के निर्देश पर पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने स्कूलों के लिए गाइड लाइन जारी की है। स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवींद्र कुमार रौतेला ने बताया कि स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि स्कूलों द्वारा पुन: प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा तथा कोई भी स्कूल विद्यालय परिसर में स्टेशनरी की बिक्री नहीं होने देगा। एनसीआरटी की पुस्तकों को लगाने का प्रयास किया जाएगा, यदि इनकी उपलब्धता नहीं हो पाती है तो अन्य पुस्तकों की सूची एवं प्रकाशन की जानकारी स्कूल की वेबसाइट और स्कूल नोटिस बोर्ड पर 15 जनवरी तक उपलब्ध कराई जाएगी।
स्कूलों द्वारा निर्धारित यूनिफार्म को पांच वर्ष से पूर्व नहीं बदला जाएगा, इसे पांच वर्ष के अंतराल पर अभिभावकों को समय पर जानकारी देकर परिवर्तित किया जा सकता है और यूनिफार्म को स्कूल नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा। रौतेला ने कहा कि स्कूलों द्वारा न्यूनतम जरूरी शुल्क ही लिया जा रहा है जो न्यायालय के निर्देशों के साथ साथ मानवीय आधार पर उचित शिक्षा के लिए जरूरी भौतिक संरचना व संसाधनों की आवश्यकता को देखते हुए तय किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी अभिभावक को किसी भी विषय पर कोई शिकायत है तो उसे संबंधित स्कूल प्रबंधन से लेकर अपनी बात रखी जा सकती है। स्कूल बसों में उपलब्ध सीटों की संख्या के सापेक्ष डेढ़ गुना तक अनुमन्य छात्रों को ही बसों द्वारा ले जाने का प्रावधान स्कूलों द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक स्कूल में गठित शिकायत प्रकोष्ठ में अभिभावक अपने सुझाव व शिकायत स्कूल प्रबंधन के समक्ष कर सकते हैं।