मुक्तेश्वर (नैनीताल)। बीती शाम शीतला गांव की तरफ से भड़की आग से ग्रामसभा दाड़िम के जंगल रात भर सुलगते रहे। जिसके चलते लपटों के बीच घिरे जसपुर गांव के 35 परिवारों के लोग रात भर आग बुझाने में जुट रहे। तेज हवा के चलते आग का बार बार सुलगना ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना हुआ है। बताते चलें कि क्षेत्र में चीड़ और बांज का जंगल होने के कारण आग तेजी से दाड़िम ग्रामसभा के जंगल में पहुच रही है। गुरूवार की दुपहर बाद तक ग्रामीण आग पर काबू पाने के लिए फायल लाइन काटने और आग बुझाने के लिए पानी के इंतजाम करने में जुटे रहे।
इस दौरान मुक्तेश्वर पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। आग काबू करने को लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, पर जंगल में लगी आग को काबू करने के लिए सड़क मार्ग न होने की वजह से दमकल को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर वन विभाग के कर्मचारी रामगढ के जंगलों मे लगी आग को काबू करने का प्रयास कर रहे हैं। चारों और जंगलों के जलने से क्षेत्र मे घना धुंआ छा गया है। वन्य जीव भी जान बचाने को इधर-उधर भागते देखे गए।
इधर संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष चौहान ने शुक्रवार को मुक्तेश्वर का भ्रमण कर दावाग्नि की जानकारी ली और लोगों को जंगलों में लग रही आग बुझाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। ग्रामीणों ने बताया रामगढ़ के प्यूडा क्षेत्र में शवदाह के दौरान चिता में लगी आग की लपटें जंगल तक जा पहुंचीं जिसके कारण चीड़ के कई पेड़ जलकर गिर गए। सरपंच भीम सिंह बिष्ट ने पहाड़ी से पत्थरों के गिरने के कारण कुछ देर के लिए मुख्य रोड में यातायात रूकवाया ताकि कोई हादसा न हो।