हल्द्वानी। काठगोदाम में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान नैनीताल रोड पर रुट डायवर्जन होने से शुक्रवार को सैकड़ों लोग जाम में फंसे रहे। महाशिवरात्रि पर मंदिरों को जा रहे लोगों को भी जाम के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। नैनीताल रोड सहित गौलापार रोड पर दिन भर वाहन रेंगते रहे।
शुक्रवार को हिल डिपो के शिलान्यास कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काठगोदाम पहुंचे थे। मगर सीएम के आने से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने वाहनों को रोकना शुरू कर दिया था, इससे नैनीताल रोड पर लंबा जाम लग गया। हाल यह था कि काठगोदाम से लेकर टेड़ीपुलिया तक एक तरफ वाहनों की कतार लग गई। कई लोग ऑटो छोड़कर पैदल ही अपने घरों के लिए जाते नजर आए। वहीं पहाड़ जाने वाले यात्रियों ने पैदल ही नरीमन तिराहे से आगे जाकर वाहन पकड़ना उचित समझा।
वहीं महाशिवरात्रि का पर्व होने के कारण शुक्रवार को सैकड़ों लोग मंदिरों को जा रहे थे। हल्द्वानी शहर से शीतला देवी मंदिर, छोटा कैलाश, कालीचौड़ मंदिर गौलापार को जाने वाले लोगों की भीड़ काफी अधिक थी। मगर काठगोदाम में ट्रैफिक थमने के कारण यहां जाम लगता रहा। जाम लगने के कारण लोगों का काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर पुलिस ने नरीमन तिराहे से ट्रैफिक को गौलापार की ओर डायवर्ट किया था।
वहीं ट्रैफिक डायवर्ट होने से गौलापार रोड पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया। विशेषकर कालीचौड़ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे लोगों की भीड़ के कारण यहां जाम लगता रहा। वहीं गौलापार से काठगोदाम की ओर आने वाले वाहनों को भी शहर की तरफ से आने के लिए कहा गया। नरीमन तिराहे पर एक तरफ लगे जाम के कारण नैनीताल, भीमताल और पहाड़ से आने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस कारण तीन से चार घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे।
सड़क पर उतरे कप्तान
नैनीताल रोड पर नरीमन तिराहे से ऊपर पहाड़ की ओर जाम लगने पर एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा भी सड़क पर उतर आए। भीमताल तिराहे से लेकर कॉलटैक्स तक अलग-अलग जगह पर करीब दो घंटे तक एसएसपी ने यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने नरीमन तिराहे पर खड़े होकर यातायात संचालन किया
शिवभक्तों की राह रोकी
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता दीपक बल्यूटिया ने कहा कि शिवरात्रि के महापर्व में मुख्यमंत्री ने शिवभक्त श्रद्धालुओं की राह रोकी। वीआईपी कल्चर के चलते जनता घंटों जाम में फंसी रही। लोग मंदिर नहीं जा सके, कई लोगों की ट्रेन छूट गई। मरीज जाम में फंसे रहे लेकिन न ही मुख्यमंत्री और न ही प्रशासन को जनता की समस्या से सरोकार रहा।