हल्द्वानी। राज्य के 46 राजकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला उपकरणों की कमी जल्द दूर होगी। पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों की विशेष सहायता योजना के तहत केंद्र से 5.30 करोड़ रुपये मिले हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने महाविद्यालयों को बजट जारी कर दिया है।
नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा में प्रयोगात्मक पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है। विज्ञान वर्ग में ही नहीं, बल्कि कला वर्ग में भी कई विषयों में प्रयोगात्मक शिक्षा अनिवार्य की गई है, लेकिन महाविद्यालयों में प्रयोगशाला उपकरणों की कमी के चलते छात्र-छात्राओं की प्रयोगात्मक पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। महाविद्यालयों को जैम पोर्टल के माध्यम से 31 मार्च तक प्रयोगशाला उपकरणों की खरीद कर शासन को उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करना है।
उच्च शिक्षा के सहायक निदेशक प्रो. गोविंद पाठक ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से 46 राजकीय महाविद्यालयों में प्रयोगशाला उपकरणों की खरीद के लिए मिले 5.30 करोड़ रुपये महाविद्यालयों को जारी कर दिए हैं। इससे महाविद्यालयों में प्रयोगशाला उपकरण खरीदे जाएंगे।
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इन महाविद्यालयों को मिली धनराशि
हल्द्वानी। योजना के तहत रानीखेत, रामनगर, कोटद्वार, थलीसैंण, नई टिहरी, डाकपत्थर, रायपुर और डोईवाला महाविद्यालय को 14-14 लाख रुपये जारी किए गए हैं। सोमेश्वर, जैती, कांडा, देवीधुरा, बेरीनाग, कोटाबाग, हल्दूचौड़, सितारगंज, बाजपुर, रिखणीखाल, जयहरीखाल, कण्वघाटी भावर, सतपुली, अगरोड़ा, नरेंद्रनगर, लंबगांव, गोपेश्वर, कर्णप्रयाग, तलवाड़ी, जोशीमठ, त्यूनी, उत्तरकाशी, बड़कोट, चिन्यालीसौंड़, पुरोला और रुद्रप्रयाग महाविद्यालय को 12-12 लाख रुपये मिले हैं। कपकोट, गरुड़, अमोड़ी, नैनबाग और चंद्रबदनी महाविद्यालय को 10-10 लाख रुपये, मुनस्यारी, मालधनचौड़, मजरा महादेव, जखोली, खानपुर, चुड़ियाला महाविद्यालय और राजकीय विधि महाविद्यालय गोपेश्वर को आठ-आठ लाख रुपये की राशि मिली है।