कोटाबाग। स्थानांतरण प्रक्रिया में विसंगतियों के कारण दुर्गम क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या लगातार घट रही है। इसका सर्वाधिक नुकसान दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र के विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को हो रहा है। सुगम क्षेत्र के कुछ शिक्षकों ने दुर्गम में अनिवार्य स्थानांतरण से छूट पाने के लिए कथित तौर पर ''''''''बीमार'''''''' होने के प्रमाण पत्र का सहारा लिया जा रहा है।
वर्तमान में शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया चल रही है। ये स्थानांतरण वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम 2017 के अंतर्गत किए जाने हैं। इसके लिए विद्यालयों को दुर्गम और सुगम दो श्रेणियाें में विभाजित किया है। सुगम से दुर्गम और दुर्गम से सुगम में तबादले होने हैं। मंडल के अपर शिक्षा निदेशक कार्यालय नैनीताल की ओर से 22 मई 2024 तक स्थानांतरण के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिसमें सहायक अध्यापक, एलटी के स्थानांतरण होने हैं। सुगम से दुर्गम स्थानांतरण के दायरे में अनिवार्य रूप से पात्र 232 शिक्षक आ रहे है, इनमें से कुल 15 प्रतिशत का स्थानांतरण होना है इसलिए कुल 35 अध्यापक ही स्थानांतरण की जद में आएंगे। बताते हैं कि पात्र 232 अध्यापकों में से 74 ने बीमार, तलाकशुदा और दिव्यांग आदि के अनिवार्य स्थानांतरण से छूट के लिए आवेदन किए हैं, जो कि 32 प्रतिशत है।
दूसरी ओर दुर्गम से सुगम के लिए कुल 2838 अध्यापक अनिवार्य स्थानांतरण के पात्र हैं। इनमें से कुल 15 प्रतिशत का स्थानांतरण होना है इसलिए कुल 426 अध्यापक ही स्थानांतरण की जद में आएंगे। 2838 अध्यापकों में से 91 ने बीमार, तलाकशुदा, दिव्यांग आदि के अनिवार्य स्थानांतरण से छूट के लिए आवेदन लगाए हैं, जोकि मात्र 3.2 प्रतिशत है।
इसके साथ-साथ बालिका विद्यालय में सुगम से दुर्गम में अनिवार्य रूप से स्थानांतरण होने वाले पात्र शिक्षकों की संख्या 92 है और इनमें से कुल 15% का स्थानांतरण होना है इसलिए कुल 14 अध्यापिका ही स्थानांतरण की जद में आएंगी। इनमें से 32 ने बीमार, तलाकशुदा, विधवा, दिव्यांग आदि के अनिवार्य स्थानांतरण से छूट के लिए आवेदन लगाए हैंl
वहीं दुर्गम से सुगम के लिए बालिका विद्यालय में कुल 360 अध्यापिका अनिवार्य स्थानांतरण के पात्र हैं और इनमें से कुल 15 प्रतिशत का स्थानांतरण होना है इसलिए कुल 54 अध्यापिका ही स्थानांतरण की जद में आएंगे। 360 अध्यापिकाओं में से 21 ने अनिवार्य स्थानांतरण से छूट के लिए आवेदन लगाए हैं, जो कि मात्र छह प्रतिशत है।
शिक्षकों में स्थानांतरण प्रक्रिया के प्रति रोष
सुगम में पद रिक्त न होने की दशा में दुर्गम के अधिकतर शिक्षक मन मारकर आवेदन न करके दुर्गम में बने रहने का विकल्प दे रहे हैं। दुर्गम स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों में स्थानांतरण प्रक्रिया और शिक्षक संघ के नेताओं के प्रति रोष है। कुछ शिक्षकों का मानना है कि सुगम में रहने वाले शिक्षकों ने फर्जी प्रमाण पत्र भी लगा रखे हैं, अभी हाल में एसआईटी जांच वाला पत्र वायरल भी हुआ है।
स्थानांतरण प्रक्रिया में स्थानांतरण एक्ट 2017 का पूर्णतया पालन किया जा रहा है। अनिवार्य स्थानांतरण में छूट पाने के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों के सभी मेडिकल दस्तावेज को कमेटी की ओर से धारा 3 के अंतर्गत चेक किया जाएगा। उसके बाद ही पात्र शिक्षकों को छूट का लाभ मिलेगा।
-लीलाधर व्यास, अपर निदेशक शिक्षा, नैनीताल