कॉर्बेट पार्क में साल दर साल बढ़ते गए बाघ
कॉर्बेट निदेशक डाॅ. धीरज पांडेय ने बताया कि प्रोजेक्ट टाइगर योजना के तहत वर्ष 2006 में गणना के बाद बाघों की संख्या 100 हो गईं। वर्ष 2010 में 186 एवं वर्ष 2014 की गणना के अनुसार कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 215 और 2020 की गणना के अनुसार कार्बेट टाइगर रिजर्व अंतर्गत बाघों की संख्या 252 हो चुकी है। यह कार्बेट टाइगर रिजर्व के लिए अच्छी उपलब्धि रही है। कॉर्बेट में 2006 के बाद लगातार बाघों का कुनबा बढ़ा हैै।
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चार माह में नौ बाघों की हुई मौत
कुमाऊं की बात करें तो पिछले चार महीने में नौ बाघों की मौत हो चुकी हैं। बाघों की मौत अधिकतर आपसी संघर्ष में हो रही है।
- 23 जनवरी को कॉर्बेट पार्क के ढेला रेंज में बाघ का शव मिला।
- 23 जनवरी को रामनगर वन प्रभाग के कालाढूंगी रेंज में बाघ का शव मिला।
- 4 फरवरी को रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज में बाघिन का शव मिला।
- 6 फरवरी को रामनगर वन प्रभाग के फतेहपुर रेंज में बाघिन का शव मिला।
- 11 फरवरी को अल्मोड़ा वन प्रभाग के जौरासी रेंज में बाघिन का शव मिला।
- 17 फरवरी को खटीमा रेंज में बाघ का शव मिला।
- 26 फरवरी को तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो रेंज में बाघ का शव मिला।
- 2 मार्च को हल्द्वानी वन प्रभाग के छकाता रेंज में बाघिन का शव मिला।
- 6 अप्रैल को रामनगर वन प्रभाग के देचौरी रेंज में बाघिन का शव मिला।