सपा नेता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के कांग्रेस में शामिल होने से हल्द्वानी विधानसभा सीट पर नए राजनीतिक समीकरणों की जोड़तोड़ शुरू हो गई। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मतीन के सपा छोड़ने से राजनीतिक गलियारों में महीनों से लग रही तमाम अटकलें थमने के साथ पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की हल्द्वानी से लांचिंग की चर्चाएं भी तेज हो गई।
रोहित शेखर तिवारी सपा की साइकिल से हल्द्वानी से राजनीतिक कैरिअर की शुरुआत कर सकते हैं। रोहित शेखर के हल्द्वानी से चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय होगा। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी बेटे रोहित के लिए राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। यह तलाश पिछले कई सालों से चल रही है।
18 अक्तूबर 2015 को हल्द्वानी में एनडी तिवारी का जन्मदिन समारोह भी इसी से जोड़ा गया। समारोह में यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत शामिल हुए। सपा नेता मतीन सिद्दीकी के मंगलवार को कांग्रेस में शामिल होते ही रोहित के हल्द्वानी से चुनाव लड़ने के अटकलों को पंख लग गए।
रोहित शेखर तिवारी के मुताबिक मतीन के कांग्रेस में शामिल होने के बाद मुझे कई लोगों के फोन और मैसेज आए। लोगों में उत्सुकता है कि मैं हल्द्वानी से सपा के टिकट से चुनाव लडू़ंगा। मैं अभी पिता एनडी तिवारी के साथ दिल्ली में हूं। उनकी तबीयत खराब है। इसलिए किसी को जवाब नहीं दे पाया। भविष्य में क्या होगा कुछ भी बताना जल्दबाजी होगा। फिलहाल मेरे पिता ने पूरी जिंदगी कांग्रेस की सेवा की और मैं उनका खून हूं। कांग्रेस से टिकट के लिए पिता ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से वार्ता की। लेकिन कुछ लोग नहीं चाहते हैं मैं कांग्रेस की सेवा करूं।