शेर नाले में बहे युवकों का तीन दिन बाद भी नहीं चला पता
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सोमवार रात शेर नाले में बहे इनोवा सवार युवकों का तीसरे दिन भी कोई पता नहीं लग सका। युवकों के परिजनों और नाराज क्षेत्रवासियों ने नंधौर वैली पहुंचकर लापता युवकों की तलाश एनडीआरएफ की टीम के कराने की मांग को लेकर जाम लगाया।
उन्होंने प्रदर्शन कर जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। बाद में एसओ ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराकर जाम खुलवाया।
सोमवार देर रात इनोवा सवार इंदिरानगर हल्द्वानी निवासी रेहान और जीशान शरे नाले में आई बाढ़ में बह गए। इनके साथ अन्य सवार युवकों को पुलिस ने सकुशल बचा लिया था। नाले में बहे लापता युवक रेहान की पेंट व जीशान की कमीज एक जगह पड़ी मिली।
पुलिस ने इस स्थल को जेसीबी की मदद से खुदवाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। बाद में हल्द्वानी से डॉग स्क्वायड भेजा गया। बुधवार को सुबह से ही चोरगलिया पुलिस एसओ चोरगलिया शांति कुमार गंगवार के नेतृत्व में एसडीआरएफ, नैनीताल के तैराक, गोताखोरों और डॉग स्क्वायड ने शेर नाला होते हुए रैखाल खत्ता, शक्ति फार्म, कैलाश और बैगुल नदी के किनारे दस किमी क्षेत्र तक नाले को छान मारा, मगर लापता युवकों का कहीं पता नहीं चला।
शाम पांच बजे नाराज लोगों ने शेर नाले के पास जाम लगा दिया और जिला प्रशासन व उत्तराखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि लापता युवकों की खोजबीन को एनडीआरएफ की टीम को बुलाया जाए।
बाद में एसओ चोरगलिया शांति कुमार गंगवार के मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया कराते हुए जाम खुलवाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वनभूलपुरा के एसओ नीरज भाकुनी के नेतृत्व में एक और पुलिस टीम नंधौर वैली भेजी गई।