नंधौर अभ्यारण्य में शुक्रवार से उत्तराखंड चतुर्थ स्प्रिंग बर्ड फेस्टिवल (तीन दिवसीय) शुरू हो गया है। पहले दिन परिंदों का संसार जानने को देश-विदेश से सैकड़ों लोग पहुंचे। पक्षी अवलोकन के अलावा कार्यशाला के माध्यम से लोगों से पक्षियों के बारे में जानकारी दी गई। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख वन संरक्षक प्रशासन राजेंद्र महाजन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
शुभारंभ कार्यक्रम के बाद विहान सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान ने कुमाऊंनी गीतों को प्रस्तुत किया। लोक गायक पप्पू कार्की और सोनी द्वारा ...लाली वे लाली जैसे गीतों से दर्शकों का मन मोह लिया।
इसके बाद 40 बर्ड वाचर पहले दिन सुमनथापला, आंवलाखेड़ा, मछली वन के नेचर ट्रेल पर पक्षी अवलोकन के लिए गए।
बर्ड वॉचर तितली ट्रस्ट देहरादून संजय सौधी ने बताया कि अभी तक तकरीबन पांच प्रमुख प्रजातियों के पक्षियों का अवलोकन किया गया है जो हिमालयी क्षेत्रों तथा यूरोप आदि जगहों से नंधौर वैली में दिखाई दी है।
इसके अलावा कार्यशाला में स्कूल बच्चों आदि को पक्षियों की पहचान, गुणों आदि के बारे में बताया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार इस तरह के कार्यक्रम होने से इको टूरिज्म की संभावना बढ़ेगी।
इस दौरान वनाधिकारी राजेंद्र बिष्ट परमजीत सिंह, धनंजय मोहन, डा. पराग मधुकर धकाते, डा. चंद्रशेखर सनवाल, नितिश मणि त्रिपाठी, हरीश सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे। वनाधिकारियों के अनुसार दूसरे दिन पक्षियों, चुनौतियों को लेकर तकनीकी सत्र रखे गए हैं, इसमें विशेषज्ञ अपने अध्ययन, शोध को सामने रखेंगे। इसके अलावा पक्षी अवलोकन के लिए दो सत्रों में टीमों को भेजा जाएगा।