एबीवीपी से बागी होकर हल्द्वानी एमबीपीजी कालेज छात्रसंघ अध्यक्ष का निर्दलीय चुनाव जीतने वाले नीरज मेहरा और उसके समर्थकों ने अल्मोड़ा में एबीवीपी प्रत्याशी अक्षय सुयाल के सिर जीत का सेहरा बंधवा दिया है।
अक्षय सुयाल की जीत के रणनीतिकारों में नीरज और उसके समर्थकों की टीम अल्मोड़ा में ठहरी हुई थी। अक्षय सुयाल की जीत के जश्न में नीरज मेहरा और उसके समर्थकों की सोशल मीडिया पर वायरल फोटो को एबीवीपी के बड़े नेता नहीं पचा पा रहे हैं।
एबीपीजी हल्द्वानी कुमाऊं का सबसे बड़ा कालेज है। छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी में टिकट के लिए घमासान रहा। नीरज मेहरा और विजय जोशी प्रबल दावेदार थे। संगठन के बड़े नेताओं ने विजय जोशी पर दांव खेला, जिसके बाद नीरज बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा।
नीरज को पूर्व छात्रसंघ नेता प्रमोद बोरा और उनकी टीम ने खुलकर समर्थन किया। नीरज ने निर्दलीय चुनाव जीतकर पूरे संगठन को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। नीरज को 2270 और एबीवीपी प्रत्याशी विजय को 2075 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई प्रत्याशी को मात्र 963 वोट पड़े।
संगठन के बड़े नेता विजय की हार और नीरज की जीत नहीं पचा पाए। खामियाजा प्रमोद बोरा समेत उनकी टीम को भाजयुमो से बाहर होकर भुगतना पड़ा। नीरज को चुनाव जिताने के बाद समर्थक एबीवीपी का झंडा बुलंद कराने अल्मोड़ा पहुंचे।
प्रमोद बोरा के नेतृत्व में नीरज मेहरा, प्रखर साह, कमल शर्मा, कुलदीप, गौरव और विशाल नेगी कई दिनों से एबीवीपी प्रत्याशी अक्षय सुयाल की जीत की रणनीति बनाने में जुटे थे।
अल्मोड़ा में भी उनकी रणनीति काम आई और एबीवीपी प्रत्याशी अक्षय सुयाल ने जीत दर्ज की। जीत के जश्न की नीरज और अक्षय की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही एबीवीपी के बड़े नेताओं ने चुप्पी ले ली है।