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चर्चा-परिचर्चा कार्यक्रम में उमड़े कार्यकर्ता लेकिन जिलाध्यक्ष गैर हाजिर

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बनबसा (चंपावत)। तीन दिन से सुर्खियों में रहे चर्चा-परिचर्चा कार्यक्रम में कार्यकर्ता तो खूब उमड़े, लेकिन भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक पाठक की गैर मौजूदगी भी छाई रही। शुक्रवार को बनबसा में विधायक आवास पर आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं की चर्चा-परिचर्चा कार्यक्रम में विधायक कैलाश गहतोड़ी ने कहा कि विरोधी दल उनके चुनाव न लड़ने की अफवाह उड़ा रहे थे। इससे कार्यकर्ताओं में मायूसी थी। इस अफवाह का जवाब देने के साथ ही संगठन में जोश भरने के लिए वे सबके सामने हैं। विधायक ने कहा कि वे पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता है। सवा चार साल में क्षेत्र के विकास कार्यों के साथ संगठन को सशक्त करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
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भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष बगौली, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट शंकर पांडेय, पूर्व जिला महामंत्री हरीश पांडेय सहित कई नेताओं ने विधायक के कार्यों को असाधारण बताते हुए उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एकमात्र चेहरा बताया। वक्ताओं ने संगठन को मजबूती के लिए एकजुटता पर जोर देने के साथ ही सरकार और विधायक के विकास कार्यों को प्रखरता के साथ लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
वरिष्ठ नेता खीमानंद भट्ट की अध्यक्षता में जिला महामंत्री दीपक रजवाड़ ने संचालन किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य किरन देवी, टनकपुर के नगर पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार वर्मा, बनबसा नगर पंचायत अध्यक्षा रेणु अग्रवाल, भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष हेमा जोशी, शंकर लाल वर्मा, हरीश भट्ट, संजय जोशी, त्रिलोक गिरि आदि थे।
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मैं निजी कारणों से कार्यक्रम में नहीं पहुंच सका। चर्चा-परिचर्चा कार्यक्रम का उद्देश्य संगठन को सशक्त करने और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना था, जो अपने उद्देश्य में सफल रहा।
- दीपक पाठक, जिलाध्यक्ष, भाजपा।
अटकलों को खारिज किया!
चपावत। विधायक कैलाश गहतोड़ी ने कहा कि अस्वस्थता के कारण कोरोना काल में वे क्षेत्र में कम आ सके। इस कारण उन्हें लेकर विरोधियों ने कई तरह की अटकलें लगाईं लेकिन शुक्रवार को चर्चा-परिचर्चा कार्यक्रम ने इन अटकलों को खारिज कर दिया। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि वे पार्टी के लिए हर वक्त उपलब्ध है। पार्टी उन्हें जो जिम्मेदारी देगी, उसे पूरा करेंगे। (संवाद)
भाजपा ने चंपावत से हर बार उतारा है नया चेहरा
चंपावत। दो विधानसभा सीट वाले चंपावत जिले में दो (चंपावत और लोहाघाट) सीटें हैं। वर्ष 2007 और 2017 में भाजपा यहां जीती। खास बात यह है कि चंपावत सीट से हर बार नया चेहरा सामने आया है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां 17 हजार से अधिक वोटों से जीती। (संवाद)
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वर्ष प्रत्याशी
2002 हयात सिंह माहरा।
2007 बीना महराना।
2012 हेमा जोशी।
2017 कैलाश गहतोड़ी।
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