शहर के लोगों को बीमार बनाने के लिए नगर निगम ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। भीषण गर्मी में शहर में जगह-जगह फैली गंदगी और कूड़े के ढेर संक्रामक बीमारियां फैलाने के लिए काफी हैं। सड़कों से कूड़े के ढेर नहीं उठ रहे हैं। नालियों में बजबजाती गंदगी में मच्छर और मक्खियां भिनभिना रही हैं। बाकी कसर सहालग की दावतों की जूठन से पूरी हो रही है। जूठन को नालियों, खाली प्लाटों और खुली नहरों में फेंका जा रहा है। नगर निगम बेखबर है।
शहर में गंदगी बड़ी समस्या है। नगर निगम क्षेत्र में करीब 45 जगहों पर कूड़ेदान लगे हैं। बाकी कई जगहों पर कूड़ा घर बने हैं। शहर से रोजाना घरों, व्यावसायिक संस्थानों और होटल, रेस्टोरेंट से करीब 85 टन कूड़ा निकलता है। जबकि शहर की जनसंख्या के अनुपात में वार्डों में सफाई कर्मियों की बेहद कमी है। कूड़ा कई दिनों से सड़क पर ही पड़ा रहता है। नालियां तो साफ ही नहीं होती हैं। कूड़ा घर और कूड़ेदानों के आसपास से गुजरना मुश्किल हो रहा है।
सड़कों पर कूड़े के ढेर को जानवर फैला रहे हैं। बैंक्टव हालों के आसपास जूठन और डिस्पोजलों के ढेर लग रहे हैं। गर्मी में यहां मच्छर और मक्खियां भिनभिना रही हैं। कई कूड़ेदान तो बाजार और आबादी क्षेत्र में हैं। इनके आसपास गन्नू का जूस, कटे फल और खाने पीने की ठेलियां लगती हैं। मक्खियां भिनभिनाते हुए बीमारियां फैला रही हैं। जिलाधिकारी दीपक रावत की फटकार के बाद नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग एक दिन की खानापूर्ति के बाद फिर गायब हो गया है।
गर्मी में डायरिया तेजी से फैल चुका है। मच्छर जनित रोगों के फैलने की आशंका के मद्देनजर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया गया है। सभी वार्डों में नियमित कूड़ा उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सुपरवाइजर की जवाबदेही तय की गई है। कूड़ा उठाने में लापरवाही होने पर स्वास्थ्य विभाग और सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई होगी। - हरबीर सिंह, नगर आयुक्त