जल संस्थान की जर्जर पेयजल लाइन विभाग और लोगों की परेशानी बढ़ रही हैं। आए दिन इन लाइनों से घरों में सीवर का पानी पहुंचने से समस्या बनी हुई है। बृहस्पतिवार को तुलसीनगर वार्ड के शांतिनगर के लोगों ने जल संस्थान और जल निगम पहुंचकर सीवर का पानी आने की शिकायत की। जल संस्थान के ईई आरएस लोशाली ने सबंधित क्षेत्र में पेयजल लाइन की जांच करने के निर्देश दिए।
पुरानी लाइनों से घरों में गंदा पानी आने की समस्या बढ़ती जा रही है। गंदा पानी आने के अधिकतर मामले उन इलाकों में हैं जहां 40 साल पुरानी लाइन से पेयजल सप्लाई होती है। बृहस्पतिवार को तुलसीनगर वार्ड की शांतिनगर कॉलोनी से दर्जनों लोग जल संस्थान पहुंचे। उन्होंने ईई आरएस लोशाली को ज्ञापन देकर बताया कि उनके घरों में बीते 15 दिनों से पानी के साथ सीवर आ रहा है। लोग मजबूरन गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। बोतल में सीवर का पानी भरकर जल संस्थान पहुंची माधवी बेलवाल ने कहा कि गंदे पानी के सेवन से लोगों को बुखार और डायरिया की शिकायत हो गई है। वहीं कॉलोनी में भी कई लोग बीमार पड़े हुए हैं।
ज्ञापन देने पहुंचे नरेद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि शांतिनगर में 250 परिवार रहते हैं जिन्हें गौला की 40 साल पुरानी पाइपलाइन से पानी मिलता है। इलाके की यह पुराने लाइनें लंबे समय से जंग लगने के कारण लीकेज हो रही हैं जिससे घरों तक गंदा पानी आ रहा है। कहा कि शांतिनगर में अमृत योजना के तहत लाइन भी नहीं बिछाई गई हैं। उन्होंने ज्ञापन देकर इलाके में 80 मीटर पाइप लाइन बिछाने की मांग की। ईई आरएस लोशाली ने विभागीय अधिकारियों को लाइनों की तुरंत जांच के निर्देश दिए।
आईटीआई के नलकूप से घरों में पहुंची मिट्टी
बरेली रोड आईटीआई क्षेत्र में बृहस्पतिवार को पानी की लाइनों में मिट्टी आने से लोग परेशान हो गए। हालांकि दोपहर बाद साफ पानी मिला शुरू हुआ। जल संस्थान के सहायक अभियंता प्रमोद पांडे ने बताया कि नलकूप संचालन के दौरान भूजल के साथ मिट्टी आने लगी। दोपहर बाद दिक्कत दूर हो गई।
10 विभागीय और पांच अनुबंधित टैंकरों से बांटा पानी
शहर में नलकूपों के ठीक होने के बावजूद अंतिम छोर वाले इलाकों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। प्रभावित इलाकों में बृहस्पतिवार को जल संस्थान ने 10 विभागीय और पांच अनुबंधित टैंकरों से पानी बांटा। सहायक अभियंता नीरज तिवारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को दमुवाढूंगा में तीन, आवास विकास में एक और शांतिनगर में एक टैंकर से पानी बांटा गया। कुसुमखेड़ा, इंदिरानगर, गौला गेट, बजूनिया हल्दू, बच्चीनगर और हिम्मतपुर में विभाग के टैंकरों से पानी बांटा।