माई सिटी रिपोर्टर
हल्द्वानी। पीड़िता पढ़ना चाहती है। उसकी पढ़ाई छूट रही है। उसे इस बात की चिंता है। वह कई बार पढ़ने के लिए दबाव बना रही है। परिजनों के नहीं ले जाने के कारण पीड़िता प्रशासन की देखरेख में है। वह पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी बढ़चढ़कर हिस्सा लेती थी।
दृष्टिबाधित संस्थान में यौन शोषण की शिकायत करने वाली पीड़िता को परिजनों के सपोर्ट की उम्मीद थी। वह अन्य बच्चों के साथ ऐसा नहीं होना देखना चाहती थी। इस कारण उसने शिकायत भी की। सूत्रों के अनुसार पीड़िता के पिता की पूर्व में मौत हो चुकी है। उसकी मां उसे अपने साथ नहीं ले गई जबकि सीडब्लूसी ने कई बार परिजनों से संपर्क साधा। अब पीड़िता को प्रशासन की अभिरक्षा में रखा गया है। पीड़िता पढ़ना चाहती है। जहां उसे रखा गया है वहां पढ़ने का माहौल नहीं है। वह कई बार पढ़ने की बात कह चुकी है।
दो परिवार जांच में नहीं कर रहे सहयोग
हल्द्वानी। पीड़िता ने शिकायती पत्र में दो नाबालिग बच्चियों का नाम लिखा था। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इन दोनों परिवारों से बात की लेकिन परिजनों ने सहयोग से मना कर दिया। बताया जा रहा कि पीड़िता ने जिन दो नाबालिग का नाम दिया था। उनमें एक अगस्त 2023 में दृष्टिबाधित संस्था छोड़ चुकी है। दूसरी दो साल पूर्व संस्थान छोड़ चुकी है।
नौकरी की चिंता, इस कारण नहीं दे रहे बयान
हल्द्वानी। समिति की जांच में पता चला कि वहां के कई कर्मचारियों को इसकी जानकारी है लेकिन वे इस कारण बयान नहीं दे रहे हैं कि उन्होंने बयान दिया तो उनकी नौकरी चली जाएगी। संस्थान में जितने लोग काम करते हैं, उसमें से अधिकतर गरीब परिवार के हैं।
10 दृष्टिबाधित बच्चों के परिजन अपने बच्चों को ले गए
हल्द्वानी। दृष्टिबाधित बच्चों के परिजन संस्थान से अभी तक 10 बच्चों को ले जा चुके हैं। संस्था की अध्यक्ष ने बताया कि दो बच्चे सीडब्लूसी के सामने उनके परिजन ले गए। आठ बच्चों को डेंगू हो गया था। इस कारण उनके परिजन उन्हें ले गए।
समिति की बैठक 20 को
हल्द्वानी। समिति की अध्यक्ष सविता लोहाटी ने बताया कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है। छह महीने से वह संस्था में आ नहीं रही थी। कहा कि उनसे कभी बच्चों ने शिकायत नहीं की। कहा कि जब संस्था बनी थी तो उसमें 20 सदस्य थे। उसमें अब 12 सदस्य बने हैं। इसमें से कई सदस्य बीमार और बुजुर्ग हैं। इस कारण वे बैठक में नहीं आ पाते हैं। 20 अक्तूबर को संस्था की बैठक बुलाई गई है। संस्था में नए लोगों को शामिल किया जाएगा। संस्था को चलाने के लिए कार्यवाहक महासचिव की नियुक्ति की जाएगी। श्याम धानक पर कोर्ट का फैसला आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। काउंसलिंग के लिए डॉक्टरों की टीम रखी जाएगी। बच्चों के मन से डर निकाला जाएगा।
हल्द्वानी के स्कूल में पढ़ने जाती थी पीड़िता, यहीं शिक्षकों से की शिकायत
हल्द्वानी। पीड़िता दृष्टिबाधित संस्था से हल्द्वानी के एक स्कूल में पढ़ने जाती थी। उसने वहीं के शिक्षकों से यह शिकायत की थी। सूत्रों के अनुसार, शिक्षक पीड़िता को प्रधानाचार्य के पास ले गए। प्रधानाचार्य ने पुलिस को बताया। इसके बाद आगे की कार्रवाई हुई।
समिति बना रही रिपोर्ट, जल्द डीएम को सौंपी जाएगी
हल्द्वानी। डीएम की ओर से बनाई समिति रिपोर्ट तैयार कर रही है। आधी रिपोर्ट तैयार हो गई है। रिपोर्ट जल्द बनाकर डीएम को सौंप दी जाएगी। उधर पुलिस की जांच जारी है। पुलिस दोबारा शिक्षक और बच्चों से बात करेगी। इस बार पुलिस का फोकस बड़े बच्चों से बात करने पर होगा।