सुशीला तिवारी अस्पताल के सामने तेज रफ्तार बाइक और सामने से आ रहे ट्रक में घुस गई। हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक में घुसी बाइक और तीनों शवों को पुलिस ने खींचकर बाहर निकाला। पुलिस फरार ट्रक चालक और क्लीनर की तलाश कर रही है।
अंबेडकरनगर निवासी अभिषेक चौधरी (18) बृहस्पतिवार देर रात अपने मित्र सचिन (17) को छोड़ने के लिए उसके घर सुशीला तिवारी अस्पताल के पीछे डहरिया जा रहा था। उसने अपनी पल्सर बाइक यूके 04जी 4362 पर गांधीनगर के रहने वाले अन्य मित्र सत्यम (16) को बैठा लिया था। बाइक सचिन चला रहा था। सुशीला तिवारी अस्पताल के दूसरे गेट पर पहुंचते ही सामने से आ रहे ट्रक को देखकर सचिन ने बाइक रोकने की कोशिश की लेकिन रफ्तार इतनी तेज थी कि बाइक सीधे ट्रक में जा घुसी। हादसे के तुरंत बाद चालक और क्लीनर ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर तत्काल चौकी प्रभारी जीएस अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने ट्रक में फंसे तीनों घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस की पूछताछ से पता चला कि सचिन का घर अंबेडकर नगर के अलावा डहरिया में भी है। उसके पिता राजेंद्र बाइक मेकेनिक हैं। वहीं गांधीनगर के सत्यम के पिता दूधिया आटो चालक हैं। हादसे की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंच गए। पुलिस का कहना है कि बाइक सवार हेलमेट नहीं पहने थे और तेज रफ्तार में थे। बाइक चालक अपनी साइड छोड़कर बीच में आ गया और ट्रक में जा घुसा। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया है।
शाम को कार भी मिट्टी में घुसी थी
सुशीला तिवारी अस्पताल के दूसरे गेट पर पुलिया निर्माणाधीन होने के कारण सड़क से सटा मिट्टी का ढेर लगा है। इसी ढेर में शाम के समय हल्दूचौड़ का युवक तेज रफ्तार के चलते कार लेकर मिट्टी के ढेर में घुस गया था। मशक्कत के बाद कार को बाहर निकाला गया।