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Uttarakhand: आचार संहिता लगने की घड़ी आई, योजनाओं के शुरू होने का मुहूर्त तक नहीं आया; जानें क्या बोले अधिकारी

Mon, 04 Mar 2024 04:55 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

आचार संहिता लगने की घड़ी करीब आ गई है। संभावना है कि मार्च के पहले पखवाड़े में आचार संहिता लग जाएगी। पर जिले में महत्वाकांक्षी योजनाओं का जो खाका खींचा गया था उनके शुरू होने का मुहूर्त नहीं आया है। 
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आचार संहिता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आचार संहिता लगने की घड़ी करीब आ गई है। संभावना है कि मार्च के पहले पखवाड़े में आचार संहिता लग जाएगी। पर जिले में महत्वाकांक्षी योजनाओं का जो खाका खींचा गया था उनके शुरू होने का मुहूर्त नहीं आया है। इनमें वन विभाग से लेकर सिंचाई विभाग की योजनाएं भी शामिल हैं। जिन पर काम चल भी रहा है, समयसीमा निकलने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका है।

अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर: चार बार टल गई बैठक, शुरू नहीं हुआ निर्माण

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गौलापार में 400 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर बनाने की योजना है। इसके लिए सेंट्रल जू अथारिटी की अनुमति का इंतजार किया जा रहा था। इसकी अनुमति भी तीन जनवरी को मिल चुकी है। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से 17 करोड़ से अधिक की राशि भी वन विभाग के पास है, पर लेकिन काम शुरू नहीं हो सका, जबकि इसके लिए सीएम खुद कह चुके हैं। पर हालत यह है कि संबंधित योजना पर विचार- विमर्श के लिए शासन स्तर पर चार बार बैठक रखी गई, लेकिन हर बार बैठक टल गई।

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जमरानी बांध: 50 हेक्टेयर में पेड़ों का छपान होना बाकी, काम शुरू होने का इंतजार
वर्ष-1976 में जमरानी बांध बनाने की योजना बनी। इसके लिए बड़ी मुश्किल से फरवरी-2023 में वन भूमि की स्टेज टू की अनुमति मिली। पिछले साल बांध निर्माण के लिए बजट की समस्या भी दूर हुई। इसमें पीएमकेएसवाईएआईबीपी के तहत योजना को शामिल करने की स्वीकृति मिल चुकी है, पर काम अभी शुरू नहीं हुआ है। अभी संबंधित स्थल पर पेड़ों का छपान और फिर कटान का काम होना है। इसमें वन विभाग ने 50 हेक्टेयर में पेड़ों के छपान की प्रक्रिया शुरू की है। इसके अलावा वन भूमि के हैंडओवर-टेकओवर की प्रयोक्ता एजेंसी और जंगलात के बीच प्रक्रिया को भी पूरा होना बाकी है। परियोजना में टाइगर काॅरिडोर का भी मुद्दा आया है जिसे सुलझाने के लिए विभाग लगे थे। वहीं, जमरानी बांध के लिए टेंडर की प्रक्रिया को शुरू किया गया है। यह प्रक्रिया ही मार्च तक पूरी होगी।

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हल्द्वानी सिटी फॉरेस्ट के नाम पर दीवार पर तार लगा, गेट बना
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के हल्द्वानी रेंज अंतर्गत शीशमबाग में सिटी फॉरेस्ट बनाने की योजना है। इसके लिए जंगलात को एक करोड़ रुपये मिले हैं, पर काम के नाम पर पुरानी दीवार पर प्लास्टर, तारबाड़ और गेट लगाए जाने जैसे छिटपुट काम ही हो पाए हैं। इसी तरह टांडा रेंज के संजय वन को भी विकसित करने की योजना थी, इसके लिए भी जोरशोर से जंगलात ने बड़ा प्रोजेक्ट बनाया। बताया जाता है कि पांच करोड़ की योजना बनाई, पर इसके लिए बजट का इंतजार है। यहां बीच में जिला योजना से मिली कुछ राशि से बैंबू हट समेत कुछ कार्य हुए हैं।

यहां समय सीमा पूरी हो चुकी, पर काम पूरा होना बाकी
जिले में कई योजनाएं हैं, जिनकी समय सीमा पूरी हो चुकी है पर काम पूरा नहीं हो सका है। ब्रिडकुल को रामपुर रोड (गदरपुर-दिनेशपुर-मदकोटा हल्द्वानी मार्ग) को चौड़ा करने समेत अन्य कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। करीब 22 किमी लंबे मार्ग पर काम पूरा होने की समय सीमा सितंबर-2023 रखी गई, जिसे बढ़ाकर दिसंबर-2023 किया गया, पर अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। वर्तमान में पुलिया निर्माण से जुड़े कार्य, डक बनाने, टाइल्स लगाने का काम हो रहा है। अभी डामरीकरण होना बाकी है।

क्या कहते हैं अधिकारी
तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ हिमांशु कहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर के लिए संस्था का चयन किया जा चुका है, उसे डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी भी दी जा चुकी है। नैनीताल वन प्रभाग के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी कहते हैं कि जमरानी बांध निर्माण के लिए पेड़ों का छपान होना है। इसके लिए रेंज अफसर को निर्देशित किया गया है। पेड़ों के छपान के बाद वन निगम को कटान का आदेश जारी किया जाएगा। मुख्य वन संरक्षक प्रसन्न पात्रो कहते हैं कि सिटी फॉरेस्ट के लिए काम चल रहा है, इसमें कुछ काम हुआ भी है। संबंधित योजना के लिए बजट की कमी नहीं है।

 

जमरानी बांध के लिए टेंडर प्रक्रिया को शुरू किया गया है, इस परियोजना से जुड़ी जो भी दिक्कत हैं, उन्हें दूर किया गया है। इसके अलावा अन्य योजनाओं पर भी काम चल रहा है।
- अजय भट्ट, रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री।

 
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