आसान शिकार के मकसद से बाजार में आ गई
वायरल हो रहे वीडियों में साफ दिख रहा है कि वन कर्मियों ने बाघिन के ऊपर दो फायर किए हैं। ढाई घंटे तक बाघिन ने ग्रामीणों सहित वन कर्मियों पर हमला का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि बाघिन भूखी और कमजोर थी। ऐसे में आसान शिकार के मकसद से बाजार में आ गई।
मंदाल रेंज के रेंजर अमोल ईस्टवाल ने बताया कि बाघिन ने कई बार वन कर्मियों पर हमले का प्रयास किया। कई बार हवाई फायर करने के बाद भी वह बाजार से नहीं गई। ऐसे में एक हवाई फायर के दौरान एक छर्रा उसके पिछले हिस्से में लगी। छर्रा लगने के बाद वह काफी देर तक घायल अवस्था में घूमती रही और करीब 11.15 पर वह जमीन पर गिर गई। बाघिन की मौत होने के बाद उसके शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। बाघिन की मौत के बाद ग्रामीणों ने साढ़े 11 बजे राहत की सांस ली।
बाघिन के शरीर से निके 12 छर्रे
बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम में बाघिन के शरीर से 12 छर्रे निकले हैं। उसके शरीर में से सेही के हमले कांटे भी निकले, उससे उसका लीवर डेमेज हो चुका था। वह कई दिन से भूखी भी थी।
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कॉर्बेट निदेशक ने दिए घटना की जांच के निर्देश
सोमवार रात जिस तरह से मरचूला में घटनाक्रम हुआ और बाघिन की मौत हुई। इस मामले में गंभीरता लेते हुए कॉर्बेट निदेशक डा. धीरज कुमार पांडेय ने जांच के निर्देश उपनिदेशक को दिए है। उपनिदेशक इस पूरे प्रकरण की जांच करायेंगे और जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। कॉर्बेट निदेशक ने बताया कि वीडियो में दो फायर करते हुए वन कर्मी दिख रहे है, जबकि वन कर्मियों ने कई फायर किए गए है। इसको देखते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।