रानीबाग में लगे जाम के चलते रेंगते वाहन। संवाद
हल्द्वानी। मकर संक्रांति पर्व पर रानीबाग में मेला और शहर में शोभायात्रा का आयोजन हुआ, लेकिन हर बार की तरह जाम नहीं लगा। इसकी वजह पुलिस की अस्थायी पार्किंग और कोमा-फुलस्टॉप की रणनीति रही। अभी तक पुलिस डायवर्जन जारी करके उस पर रणनीति नहीं बनाती थी। इस मुद्दे को अमर उजाला ने पिछले दिनों प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब पुलिस ने हरकत में आकर उस पर अमल किया।
मकर संक्रांति के पर्व पर रानीबाग में सोमवार शाम से ही लोगों का हुजूम उमड़ने लगा। पुलिस पहले से ही वहां तैनात थी। मंगलवार दोपहर बाद हीरानगर से उत्तरायणी पर्व की शोभायात्रा यात्रा पूरे शहर में निकली। इस दौरान यातायात का दबाव रहा, लेकिन जाम नहीं लगा। इस बार पुलिस ने रानीबाग में तीन खाली प्लॉटों पर अस्थायी पार्किंग बनाई। सीओ नितिन लोहनी ने बताया कि इस योजना से मुख्य सड़क पर वाहन खड़े नहीं रह पाए। इसके अलावा मोबाइल वैन लगातार सड़क पर तैनात रही, इससे कोई मनमानी पार्किंग नहीं कर पाया। वहीं शहर में कोमा-फुलस्टाॅप योजना से यातायात को नियंत्रित किया गया। शहर में अभी तक बसों को डायवर्ट किया जाता था, लेकिन इस बार हर मार्ग से आने वाली बाहरी बसों को कुछ देर के लिए रोका गया। इसके अलावा बाहर से आने वाली बसाें को सभी मार्गों पर रोका गया।
शहर में कोमा-फुलस्टाॅप योजना ने ऐसे किया काम-
सीओ लोहनी ने बताया कि यातायात को हमने टुकड़ों में चलने दिया। रोकने के बजाय उसे समय-समय पर चलाने पर ध्यान रहा। जैसे ही जुलूस कई हिस्सों में बंट जाता था तो यातायात को कोमा की तरह चलने दिया। जहां जुलूस आ गया वहां यातायात पर कुछ देर के लिए फुलस्टॉप लगाया। जब यात्रा ने जेल रोड पार कर ली तो आईटीआई तिराहे से आने वाला यातायात को कालू मंदिर की बजाय नवाबी रोड से होकर नगर निगम रोड पर लाया गया।
दिल्ली-हरियाणा की गाड़ियों ने बढ़ाई चुनौती-
शनिवार-रविवार के बाद मंगलवार को मकर संक्रांति की छुट्टी रही। ऐसे में ज्यादातर पर्यटक सोमवार की छुट्टी लेकर नैनीताल में ठहरे थे। मंगलवार शाम को वे महानगरों की ओर रवाना हुए। पुलिस सोमवार रात से ही रानीबाग में यातायात संभाल रही थी। मंगलवार सुबह पर्यटकों की वापसी ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दीं। इस दौरान यातायात का दबाव रहा। सीओ ने बताया कि ज्यादातर गाड़ियां दिल्ली और हरियाणा की थीं।