पत्ता खड़कने के साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था ठप होना कोई नई बात नहीं है। पेड़ों के कटाने से लेकर मेंटीनेंस के नाम पर कई बार घंटों का शटडाउन लेने के बावजूद बिजली की आंखमिचौली चलती रहती है।
सोमवार रात आई आंधी के कारण ट्रांसपोर्ट नगर से निकलने वाला देवलचौड़ फीडर ठप हो गया। रात डेढ़ बजे बिजली गुल होने के बाद सुबह साढ़े सात बजे बिजली बहाल हो सकी। लालकुआं उपकेंद्र से निकलने वाला हाथीखाल फीडर रात्रि ढाई बजे बंद हो गया। हाथीखाल फीडर लगभग साढ़े ग्यारह घंटे बाद सुबह साढ़े ग्यारह बजे ठीक हो सका। 132 केवी काठगोदाम से निकलने वाला टाउन द्वितीय फीडर भी रात्रि ढाई बजे ठप हुआ और सुबह साढ़े सात बजे ठीक हुआ।
कठघरिया उपकेंद्र से निकलने वाला फतेहपुर फीडर रात्रि ढाई बजे ठप हुआ और मंगलवार दोपहर 12.30 बजे बहाल हो सका। फीडर बहाल होने के बावजूद भी लालडांठ, सद्भावना कालानी, ऊंचापुल, भट्ट कालोनी, शिव पार्वती विहार आदि क्षेत्रों में बिजली की दिनभर आंखमिचौली चलती रही। अधिशासी अभियंता नगर नवीन मिश्रा ने बताया कि आंधी के कारण लाइनों पर टहनी आने के कारण आपूर्ति बाधित हुई, जबकि कठघरिया में ट्रांसफार्मर में आग लगने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी।