रामनगर में उपपा नेता प्रभात ध्यानी और सामाजिक कार्यकर्ता मुनीश कुमार पर हमले के आरोपी स्टोन क्रशर स्वामी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से गुस्साए विभिन्न संगठनों ने कमिश्नर दफ्तर में धरना दिया। उन्होंने धमकी दी कि जल्द ही क्रशर स्वामी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। बाद में सीएम को संबोधित ज्ञापन कमिश्नर को सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 31 मार्च को ढिल्लन स्टोन क्रशर स्वामी सोहन सिंह और डीपी सिंह ने सामाजिक राजनैतिक कार्यकर्ता प्रभात ध्यानी और मुनीश कुमार पर हमला करवाया। साथ ही कहा कि सरकार कें संरक्षण के कारण ही प्रदेश में खनन को लेकर गुंडागर्दी बढ़ती जा रही है।
खनन माफिया छापा मारने जा रहे पुलिस और वन विभाग की टीम पर भी हमले कर रहे हैं। उन्होंने वीरपुर लच्छी के ग्रामीणों के खेतों के ऊपर से डंपरों का परिचालन बंद करने, खनन, रेत का काम निजी हाथों से छीनकर विभाग से कराने और स्टोन क्रशरों को अधिग्रहीत करने खनन चोरी को गैर जमानती घोषित करने की मांग की। धमकी दी कि दो सप्ताह में कार्रवाई नहीं होने पर 10 जनपथ (दिल्ली) में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा। धरना देने वालों में उत्तराखंड महिला मंच की डा. उमा भट्ट, महिला समाख्या की डा. बसंती पाठक, डा. शीला रजवार, भाकपा माले के कैलाश जोशी, विपिन मोहन पिंगल, कमलेश, किशन, राकेश, प्रो. अतुल जोशी, डा. सुरेश डालाकोटी, महेश जोशी, अनिल सिंह रजवार, रवि कनवाल, पवन सिंह खड़ायत, दीप गंगोला, राजेंद्र सिंह असवाल, कंचना, सरोजनी समेत दर्जनों लोग थे।