बड़बोले स्वास्थ्य विभाग के दावों की हवा डेंगू का मच्छर निकालने में लगा है। डेंगू का डंक अब और खतरनाक हो रहा है। डेंगू के 10 नए मरीज मिले हैं। सभी को एसटीएच में भर्ती कराया गया है। डेंगू के सबसे अधिक मरीज हल्द्वानी और लालकुआं से मिले हैं। डेंगू मरीजों की संख्या अब तक 51 हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में कहा था कि डेंगू के मरीज अगर मिले तो सीधे तौर पर सीएमओ जिम्मेदार होंगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम कई बार लालकुआं का दौरा कर चुकी है।
बावजूद इसके लालकुआं में डेंगू के मरीज लगातार मिल रहे हैं। सुशीला तिवारी अस्पताल में इंदिरा नगर (लालकुआं) निवासी आरडी सिंह (64), भीमताल निवासी कंचन (21), गौजाजाली हल्द्वानी निवासी तहशाम खान (25), लालकुआं निवासी धनश्री कश्यप (24), लालकुआं निवासी जोगेंद्र (31), हल्दूचौड़ निवासी पूजा भट्ट (29), लाइन नंबर आठ आजाद नगर निवासी अरशद (40), इंदिरानगर हल्द्वानी निवासी आलिया नूर (02), बिलासपुर निवासी सोफिया (08) और ताड़ीखेत रानीखेत निवासी सुरेंद्र (16) को भर्ती कराया गया है। एसटीएच में डेंगू पीड़ित कुल 17 मरीज भर्ती हैं।
सवाल ये उठता है कि लालकुआं में स्वास्थ्य विभाग का अभियान क्या सिर्फ कागजों पर था। अभियान अगर जमीनी स्तर पर चला तो डेंगू के मरीज लगातार कैसे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री और डीएम के आदेशों को क्या स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से नहीं लेता है।
डेंगू की रोकथाम करना मुश्किल है। डेंगू की रोकथाम के लिए समाज को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। डेंगू तो पूरे देश में फैला हुआ है। नैनीताल जिले में इसका प्रकोप कम है, जबकि देहरादून में डेंगू के सबसे अधिक रोगी मिले हैं।
- डॉ. एलएम उप्रेती, सीएमओ, नैनीताल।