मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि केंद्र की ओर से राज्य को विभिन्न मदों में दी जाने वाली मदद में की गई कटौती से प्रदेश को 3000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने भी माना कि 14वें वित्त आयोग की संस्तुतियों में भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।
कुमाऊं के पांच दिनी दौरे के तहत बुधवार को नैनीताल पहुंचे सीएम ने राज्य अतिथि गृह में हुई वार्ता में कहा केंद्रीय राजस्व करों का हिस्सा बढ़ाए जाने से प्रदेश को 10 फीसदी लाभ मिला है। इससे उत्तराखंड को1300 करोड़ रुपये का फायदा होगा। इसके विपरीत फंडिग पैटर्न अधिसंख्यक योजनाओं में जिस प्रकार 90 फीसदी केंद्र और मात्र 10 फीसदी हमारी भागीदारी होती थी, उसे 50-50 फीसदी कर दिया गया है। इसके तहत स्पेशल प्लान असिसटेंस (एसपीए) में 900 करोड़ रुपये, 40 फीसदी केंद्र के अंशदान काटने से 2100 करोड़ रुपये के नुकसान समेत प्रदेश को 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो रहा है।
सीएम ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए सरकार गंभीर है। आदि कैलाश ओम पवर्त यात्रा पर 50 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है तथा ट्रेकिंग को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। विपक्षी भाजपा सरकार की ओर से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ढैंचा, सिटुर्जिया, कुंभ घोटाले की सीबीआई जांच करने के सवाल पर सीएम ने कहा कि सीबीआई तो उन्हीं के पास है। लेकिन वह इतना जरूर जान लें कि इससे पहले हमें एफआईआर करानी होगी, जिसके कांग्रेस के पास कई मुद्दे हैं। विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने को लेकर केंद्र से वार्ता पर उन्होंने कहा कि वह जनता के प्रतिनिधि है। यदि वह ऐसा नहीं करेंगे तो प्रदेश उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। मैगी पर प्रतिबंध व बाबा रामदेव की संबंधि पहल पर सीएम ने इसे व्यवसायिक मामला बताकर पल्ला झाड़ दिया।