छावनी परिसर स्थित बैरक में फौजी ने पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी। कोतवाली पुलिस की छानबीन से पता चला है कि वह मानसिक रूप से परेशान था। उसका मेरठ मानसिक चिकित्सालय से इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार को ही उसकी सिपाही से नायक पद पर पदोन्नति हुई थी।
हरियाणा के रोहतक जिले के सुडाना गांव का सुमित कुमार (25) पुत्र रमेश कुमार हल्द्वानी स्थित 5685 एएससी बटालियन में नायक पद पर तैनात था। शनिवार सुबह साढ़े दस बजे तक वह कार्यालय में काम करने गया था।
बताया जा रहा है कि कार्यालय के साथियों से वह यह कहकर निकला कि वर्दी ठीक कराने जा रहा है। देर तक नहीं लौटने पर साथियों ने उसकी तलाश की। बैरक में जाकर देखा तो उसकी गर्दन पंखे से लटकी हुई थी। साथियों ने शव को पंखे से नीचे उतारा।
परिसर के अस्पताल लेकर जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी विजय सिंह मेहता पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। साथियों ने बताया कि फरवरी में सुमित कुमार मानसिक रोग का इलाज कराने के लिए मेरठ गया था।
उसकी अभी शादी भी नहीं हुई थी। इलाज के बाद उसने एक मई को बटालियन में ड्यूटी ज्वाइन की थी। पुलिस ने पूछताछ के बाद शव का पंचायतनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस घटना के अन्य कारणों को जानने का प्रयास कर रही है।