रामनगर। हिम्मतपुर ब्लॉक पीरूमदारा निवासी अंकित (22) पुत्र प्रेम सिंह व मयंक (24) पुत्र भारत सिंह असवाल की डूबने से मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। सोमवार का दिन इनके परिवारों पर ऐसा वज्रपात कर गया जिसे शायद कभी भुलाया न जा सके। मयंक असवाल और अंकित के परिवार में सुबह तक सब ठीक था। दोपहर बाद दोनों के डूबने की खबर आते ही दो परिवारों की खुशियां और उम्मीदें भी हमेशा के लिए पानी में डूब गईं।
मयंक असवाल दो भाइयों में सबसे बड़ा था। वह आईटीआई कर रहा था ताकि जल्द से जल्द कोई अच्छी नौकरी पा ले। मां-बाप का सपना था कि आईटीआई करने के बाद उसे कहीं न कहीं नौकरी जरूर मिलेगी। मगर जिस मयंक को अपने बूढ़े मां-बाप का सहारा बनना था उसके बेजान शरीर को देखकर बिलखते माता-पिता, छोटे भाई का रो-रोकर बुरा हाल है। दूसरी ओर अंकित माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसने होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। इसके साथ ही उसकी आंखों में देश सेवा का जुनून भी था। इसके चलते वह सेना में जाने की तैयारी करता था। बताया जा रहा है कि अंकित ने बीएसएफ भर्ती दौड़ की परीक्षा पास कर ली थी। अब इंतजार उसके लिखित परीक्षा पास करने का था। देश की हिफाजत का सपना देखने वाला अंकित नियति के क्रूर जाल में ऐसा उलझा कि जिंदगी की जंग ही हार गया।
नहाने के स्पॉट दे रहे हादसों को दावत
गर्जिया के आसपास भी नहाने वालों की भीड़
रामनगर। भीषण गर्मी से राहत पाने और मौज-मस्ती के लिए कोसी बैराज के किनारे और नदी के तमाम हिस्सों में जुटने वाली भीड़ अब एक बड़े खतरे को आमंत्रण दे रही है। हाल के दिनों में बैराज के आसपास के नहाने के स्पॉट डेंजर जोन बन चुके हैं।
कोसी बैराज के अलावा गर्जिया मंदिर के आसपास के स्थानों भी गर्मी के दिनों में बड़ी संख्या में लोग, खासकर युवा मस्ती करने पहुंचते हैं। रामनगर के अलावा मुरादाबाद, काशीपुर, रामपुर, जसपुर, बाजपुर से भी यहां लोग पहुंचते हैं। बाहरी लोग गहरे पानी में उतर तो जाते हैं मगर उन्हें भंवर की भयावहता का पता नहीं होता है। कई बार तो एक को बचाने के प्रयास में दूसरे भी मुसीबत में आ जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोग रील्स बनाने, सेल्फी खींचने या दोस्तों के साथ शर्त लगाने के चक्कर में जान जोखिम में डालते हैं। कई बार वे जोश-जोश में उन जगहों पर चले जाते हैं जहां पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है और फिर हादसे का शिकार हो जाते हैं।