शहर का बाजार वार्ड सबसे ज्यादा गंदगी से अटा पड़ा है। वार्ड संख्या आठ स्थित घास मंडी में कन्या पाठशाला और बाल विद्या निकेतन स्थित हैं। इन स्कूलों के ठीक आगे मछली, बकरे और मुर्गे का मांस बेचने वालों की दुकानें हैं। नालियों के ऊपर दुकानें होने से हर वक्त दुर्गंध आती रहती है। इन्हीं स्कूलों के पास नगर निगम का कूड़े का ढेर लगा रहता है। इसकी दुर्गंध के चलते आसपास रहने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को खासी दिक्कतें होती हैं। स्कूल प्रबंधनों की शिकायत पर प्रशासन ने जांच भी कराई, लेकिन आज तक निगम प्रशासन ने इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
घासमंडी और आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि बारिश का पानी कीचड़ और गंदगी के साथ लोगों के घरों में घुस जाता है। नलों से भी गंदा पानी आता है। बगैर लाइसेंस के कई मीट की दुकानें धड़ल्ले से चल रही हैं। लेकिन, निगम प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है। डीएम के निर्देश पर एक बार इस मामले की जांच भी हुई, लेकिन कार्रवाई कागजों में दबकर रह गई। इस मामले में निगम प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध बताई जाती है। शिक्षाधिकारी द्वारा भी मामले की पृथक से जांच की गई है। इस मामले में नगर स्वास्थ्य अधिकारी रतनलाल भी स्वीकार करते हैं कि मछली और मुर्गे की दुकानें अवैध रूप से चल रही हैं। ऐसे मीट विक्रेताओं को नोटिस दिए जा चुके हैं। अब क्षेत्रवासियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
ये हैं जागरूक
भगवती, दीपा, रीता, रामकली, उर्मिला, संगीता, सुमन, शिवम, राधा, कुनाल, प्रेम, शारदा, कंचन, इंद्रा देवी, कोमल, सूरज देवी, विशाल राजपूत, प्राची, दिव्यांशी, श्याम सुंदर, संजय केवट, अनिल, कृष्ण, दीपा विक्की।
नगर निगम को कई बार ज्ञापन दे चुका हूं। अधिकारियों का निरीक्षण भी कराया गया है। निगम प्रशासन ने कार्रवाई करने का आश्वासन तो दिया है, लेकिन अभी तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है। अब क्षेत्रवासियों के साथ निगम दफ्तर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
- महेंद्र नागर, पार्षद वार्ड संख्या आठ।
घासमंडी के पास स्कूलों के आगे गंदगी से संबंधित किसी तरह की जांच मेरे कार्यकाल में नहीं हुई है। पूर्व में जो भी शिक्षा अधिकारी रहे होंगे, मामला उनके संज्ञान में होगा। विद्यालय के बच्चों को हो रही परेशानी का जायजा लेने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- हरेंद्र मिश्रा, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हल्द्वानी।