इस शहर में कोई नियम कानून लागू नहीं है। निजी और सार्वजनिक भवनों की छतों पर होर्डिंग बोर्ड लगाने प्रतिबंधित हैं। लेकिन हल्द्वानी में चारों तरफ छतों के ऊपर बड़े बड़े होर्डिंग प्रशासन का मुंह चिड़ा रहे हैं। डिवाइडरों में भी बेतरतीब ढंग से ऐंगल लगाकर बोर्ड लगाए हैं, जो हादसों का कारण बन रहे हैं।
भवनों की छतों पर होर्डिंग लगाने पर शासन ने प्रतिबंधित लगा है। शहरी विकास सचिव की ओर से सभी नगर निकायों और प्रशासन को छतों में लगे होर्डिंग को तत्काल उतरवाने के आदेश हैं। भवन स्वामियों से जुर्माना वसूले का भी आदेश है। लेकिन हल्द्वानी में आदेश फाइलों में दबकर रह गया है। नगर निगम क्षेत्र में मुख्य मार्गों के अधिकांश भवनों में बड़े बड़े होर्डिंग लगे हैं। इनमें अधिकांश होर्डिंग प्राइवेट कंपनियों और नेताओं के हैं। डिवाइडरों में बेतरतीब बोर्ड वाहन चालकों को चोटिल कर रहे हैं।
कई बार तो आड़े तिरछे लगे बोर्ड से बाइक चालक और राहगीर टकराकर गिर जाते हैं। नगर निगम ने नवंबर 2016 में 68 लाख का होर्डिंग ठेका दिया है। ठेकेदार पीसी पाठक के मुताबिक भवनों पर लगे होर्डिंग पूरी तरह अवैध हैं। यहां तक कि यूनिपोल और गेट वे में लगाए होर्डिंग पर अवैध तरीके से लगाए हैं। होर्डिंग उतारने की जिम्मेदारी प्रशासन की है।