नगर निगम का राजकाज भी अजीब है। नगर निगम शहर का विकास तो दूर खुद की वेबसाइट तक को अपडेट नहीं करा पा रहा है। वेबसाइट में वार्ड 12 और 22 के दिवंगत पार्षद अभी भी ‘जिंदा’ हैं। इन वार्डों के पार्षदों के आकस्मिक निधन के बाद उपचुनाव में नए पार्षद भी निर्वाचित हो चुके हैं। वेबसाइट में निगम और शहर की जो जानकारियां दी गई है, हकीकत से उसका कोई लेना देना नहीं है। यही नहीं वेबसाइट की फोटो गैलरी में खूबसूरत दिखने वाले पार्क वास्तविक रूप में नरक से कम नहीं हैं।
हल्द्वानी शहर और नगर निगम से जुड़ी जानकारियां और जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आनलाइन आवेदन भरने को कुछ साल पहले वेबसाइट लांच की गई थी। वेबसाइट के माध्यम से ही निगम संबंधी शिकायतों दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर भी सुचारु किया गया था। वेबसाइट कुछ महीने तक ठीक तरीके से चलने के बाद ठप हो गई। इसमें भी बजट आड़े आ गया। वेबसाइट अपडेट और संचालन करने के लिए निगम ने जिस एजेंसी से अनुबंध किया था, उसे समय पर पैसा नहीं मिला। नतीजतन एजेंसी ने वेबसाइट अपडेट करनी बंद कर दी।
निगम की वेबसाइट में करीब एक साल पुरानी जानकारियां हैं। निगम के पार्षदों की सूची में वार्ड 12 से रितू शर्मा और 22 से किड़िया अभी भी ‘जिंदा’ हैं। इन पार्षदों की आकस्मिक मौत के बाद उप चुनाव में वार्ड 12 से शांति देवी और वार्ड 22 से हितेश पांडे पार्षद निर्वाचित हैं। सरकार से नामित पार्षदों की भी वेबसाइट में कोई जानकारी नहीं है। सरकार ने निगम में 15 पार्षद नामित किए हैं। वेबसाइट में फोटो गैलरी में शहर के पार्क और निगम की बिल्डिंग, लाइब्रेरी की फोटो हैं। गैलरी में दिखने वाले खूबसूरत पार्कों की हकीकत में काफी दुर्गति है। डिग्री कालेज के सामने वाला पार्क नरम से कम नहीं है, पार्क उजाड़ है और हमेशा गंदे पानी से भरा रहता है। पंत पार्क, लाइब्रेरी और निगम की बिल्डिंग भी रखरखाव के अभाव में बदसूरत हो गई है।