रामनगर। भवानीगंज रामलीला मैदान में रविवार को कथित बुलडोजर राज के खिलाफ जन सम्मेलन हुआ। जन संगठनों एवं राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। निर्णय लिया गया कि उत्तराखंड और देश में की जा रही बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ संघर्ष तेज किया जाएगा। उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय में भी मामले की पैरवी की जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता रविंद्र गढ़िया ने कहा कि जनता ही जमीनों की वास्तविक मालिक है। सरकार और प्रशासन का काम उसका रखरखाव करना है न कि उन्हें बेदखल करना।
वक्ताओं ने प्रदेश में वनाधिकार कानून-2006 लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूछड़ी समेत देश में हटाए गए सभी लोगों को पुनर्वासित किया जाए। सम्मेलन में अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने और जंगली जानवरों से सुरक्षा की मांग उठाई। जन सम्मेलन को जन कवि बल्ली सिंह चीमा, महिला किसान अधिकार मंच की हीरा जंगपांगी, उपपा महासचिव प्रभात ध्यानी, खीम राम, तरुण जोशी, शंकर गोपाल, मुनीष कुमार, उर्वादत्त नैनवाल, अमीर हमजा, मुकुल आदि ने संबोधित किया।