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Nainital News: मुश्किलों के गड्ढों की नहीं हुई भर पाई

Sat, 17 Oct 2026 01:49 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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हल्द्वानी।
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शहर की सड़कों के गड्ढे भरने के लिए मुख्यमंत्री की तय समयसीमा भी बेअसर साबित हुई। 15 अक्तूबर तक हाईवे और मुख्य सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश थे लेकिन समयसीमा बीतने के बाद भी शहर की सड़कों पर लोगों का सफर जोखिम भरा बना हुआ है।
कहीं सीवर और पेयजल लाइनों के लिए खोदी गई सड़कें बदहाल हैं, तो कहीं गड्ढे भरने के नाम पर मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी गई। कई जगह मरम्मत के कुछ ही घंटे बाद रोड़ी-बजरी उखड़कर सड़क पर फैलने लगी। शहर के आंतरिक और लिंक मार्गों पर एक से डेढ़ फीट तक गहरे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। त्योहारों के बीच बाजारों और मुख्य मार्गों पर बढ़ते यातायात के दबाव ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सवाल यह है कि जब मुख्यमंत्री की समयसीमा तय थी, तो जिम्मेदार विभाग सड़कों को सुरक्षित बनाने में पीछे क्यों रह गए। शहर में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि), उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) और पेयजल निगम के कार्यों के बीच आम लोगों को खराब सड़कों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि सड़क के गड्ढे भरने और क्षतिग्रस्त मार्गों के नवीनीकरण के दावों के बीच लोगों को रोजाना जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में लोनिवि को 70 किमी सड़कों का नवीनीकरण करना है जबकि यूयूएसडीए व पेयजल निगम को 12 से 15 किमी सड़कों को दुरुस्त बनाना है।
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केस-एक-
सिंधी चौराहे के आसपास सीवर लाइन बिछाने का काम किया गया है। रामपुर रोड पर एक ओर से सड़क की खोदाई की गई है। इनका भरान सही तरीके से न होने के कारण भीड़ के वक्त यहां हादसे का खतरा बना रहता है। त्योहार के सीजन में इस मार्ग पर यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। सड़क दुरुस्त न होने से बाजार पहुंच रहे ग्राहक भी परेशान हो रहे हैं।

केस-दो-
बरेली रोड पर इन दिनों पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। हाइवे पर एक ओर से किए जा रहे खोदाई के कारण मार्ग संकरा बना हुआ है। उबड़खाबड़ सड़क से निकल रहे राहगीर कब चोटिल हो जाएं, कहा नहीं जा सकता। मंगलपड़ाव से तीनपानी तक सड़क दुरुस्त न होने से हर दिन 25 से 30 हजार लोग हिचकोले खाते हुए गुजर रहे हैं। बारिश होने पर कीचड़ से सनी मिट्टी के बीच वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं होता।
केस-तीन-
शहर के बीच से कई इलाकों को जोड़ने वाली और वार्ड-50 से होकर वार्ड-51, 52, 53, 54, 55 और 56 के साथ ही मुखानी और बाजार को जोड़ने वाली खड़िया फैक्टरी-जज फार्म सड़क पर भी गड्ढों की भरमार है। यहां यूयूएसडीए की ओर से पेयजल और सीवरेज का काम किया जा रहा है। इस मुख्य सड़क से पीलीकोठी, डहरिया, छड़ायल, कुसुमखेड़ा, देवलचौड़ तक के लोग आवाजाही करते हैं। लंबे समय से इसकी सुध नहीं ली गई है।


कोट-
स्टेट हाइवे व ग्रामीण मार्गाें के गड्ढे भर दिए गए हैं। शहर से दूर वाले क्षेत्रों में सड़कों का नवीनीकरण किया जाना है, जल्द इस काम को पूरा कर लिया जाएगा।
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-प्रत्यूष कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि

कोट-
नगर निगम के नये वार्डाें के आंतरिक और लिंक मार्गाें की मरम्मत यूयूएसडीए को करनी है। सड़कों के गड्ढे भरने के लिए कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा।
-परितोष वर्मा,
नगर आयुक्त

कोट-
अभी सड़कों के गड्ढे भरने को प्राथमिकता दी जा रही है, जल्द नये वार्डाें में बिटुमेन वाली सड़का का पुनर्निर्माण शुरू किया जाएगा।
मृदुला सिंह, उप कार्यक्रम निदेशक यूयूएसडीए

कोट-
सिंधी चौराहा रामपुर रोड, बरेली रोड पर सीवर और पेयजल लाइन बिछाई गई है। इनमें कुछ में सड़क बनाने के लिए लोनिवि को धनराशि दी गई है।
शशिभूषण साह, अधिशासी अभियंता, पेयजल निगम


फोटो कैप्शन-खड़िया फैक्टरी-जज फार्म सड़क पर जानलेवा बना गड्ढा। संवाद

फोटो कैप्शन-कुसुमखेड़ा चौराहे पर कराया गया डामरीकरण। स्रोत: जागरूक पाठक
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