एमबीपीजी कालेज के छात्रसंघ चुनाव में टिकट की दावेदारी के लिए एबीवीपी की अंदरूनी गुटबाजी और ठाकुर-ब्राह्मण का लड़ाई मंगलवार को खुलकर सड़क पर आ गई। टिकट कटने के बाद नीरज मेहरा समर्थकों ने एबीवीपी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया।
कार्यालय में तोड़फोड़ करने के बाद पांच लाख रुपए में एबीवीपी नेताओं पर टिकट बेचने का आरोप तक मढ़ दिया। नीरज मेहरा की बगावत से एबीवीपी को नुकसान झेलना पड़ सकता है।
छात्रसंघ चुनाव के लिए एनएसयूआई के बाद एबीवीपी की गुटबाजी उभरकर आई।
एबीवीपी में कई दिनों से टिकट के लिए माथापच्ची चल रही थी। दोनों ही दावेदार प्रबल थे। संगठन में ठाकुर और ब्राह्मण का झगड़ा चरम पर पहुंचने के बाद भी संगठन के नेता इसे नकार रहे थे।
कार्यकर्ताओं की रायशुमारी से टिकट फाइनल नहीं होने पर सोमवार रात एबीवीपी के बड़े नेताओं ने देहरादून से विजय जोशी का टिकट फाइनल कर दिया । इससे नीरज मेहरा ने बगावत शुरू कर दी और मंगलवार को एबीवीपी कार्यालय में आत्मदाह की धमकी दे दी।
नीरज मेहरा समर्थकों ने मंगलवार को संगठन कार्यालय में तोड़फोड़ कर निर्दलीय चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर कर दी। नीरज मेहरा ने संगठन के नेताओं पर टिकट बेचने का आरोप लगाया। एनएसयूआई में भी टिकट के लिए गुटबाजी सड़क पर आ चुकी है।
हर्षित जोशी का टिकट फाइनल होने के बाद अमन सुयाल निर्दलीय तैयारी में जुटे हैं। नीरज का आरोप है कि विजय जोशी कुछ महीने पहले संगठन से जुड़ा है, जबकि वो खुद पांच साल से संगठन की सेवा कर रहे हैं।
एबीवीपी में नीरज मेहरा की बगावत से ठाकुर और ब्राह्मण की लड़ाई को हवा मिल गई है। नीरज इसी लड़ाई को हथियार बनाकर निर्दलीय मैदान में उतरकर एबीवीपी को नुकसान पहुंचाएगा।