रामनगर के कोसी रेंज स्थित रेस्क्यू सेंटर में बंद हमलावर तेंदुआ अब जंगल नहीं भेजा जाएगा। उसके दांत और पंजे घिस चुके हैं, जिससे जंगल में छोड़ने पर इंसानों के साथ संघर्ष की आशंका है। इसलिए वन विभाग अब उसकी स्थायी देखभाल करेगा।
वन प्रभाग रामनगर के कोसी रेंज स्थित रेस्क्यू सेंटर में बीते एक माह से कैद हमलावर तेंदुआ अब अपने प्राकृतिक आवास में नहीं जा सकेगा। वनकर्मियों की जांच में पता चला कि तेंदुए की उम्र 11 साल से अधिक है। उसके पंजे और दांत घिस चुके हैं। उसे दोबारा जंगल में छोड़ने पर मानव वन्यजीव संघर्ष होने की आशंका है। अब उसकी देखभाल वन विभाग करेगा।
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पिछले महीने कोटा रेंज स्थित ग्राम चोपड़ा में घर के पीछे पानी लेने गई महिला पर तेंदुए ने हमला किया था। परिजनों की मदद से महिला को अस्पताल में भर्ती कराया था। घटना के बाद वन विभाग ने पिंजरा लगाकर तेंदुए को रेस्क्यू कर लिया। इसके बाद उसे कोसी रेंज के रेस्क्यू सेंटर में रखा गया। लगभग एक माह से तेंदुआ वनकर्मियों की देखरेख में है।