नगर निगम की दुकानों का किराया नए वित्तीय वर्ष से महंगा हो जाएगा। दुकान का क्षेत्रफल और लोकेशन के हिसाब से प्रति वर्ग फुट किराया देना होगा। नगर निगम प्रशासन ने दुकानों की पैमाइश के लिए दो टीमें गठित कर दी हैं। टीमें जल्द ही किरायेदारी पर आवंटित दुकानों की पैमाइश कर रिकार्ड निगम प्रशासन को सौंपेंगी। इसके बाद ही नए सत्र से नया किराया प्रभावी होगा।
नगर निगम की हल्द्वानी एवं काठगोदाम क्षेत्र में 1190 दुकानें किरायेदारी पर आवंटित हैं। दुकान का किराया नगर निगम की आय का मुख्य स्रोत है। दुकानों का किराया काफी कम है। किराया वृद्धि की नगर निगम ने पिछले साल ही औपचारिकता पूरी कर ली थी।
दुकानों की लोकेशन और उनके एरिया के हिसाब से प्रति वर्ग फुट किराया वसूल किया जाएगा। दुकानों को ए, बी और सी श्रेणी में बांटा गया है। इसी हिसाब से किराया भी लागू होगा। पूर्व में व्यापारियों ने किराया वृद्धि का जबर्दस्त विरोध किया था। मेयर के पुतले फूंके थे। खुद मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला को भाजपाइयों का विरोध तक झेलना पड़ा था।
चुनावी साल होने के कारण किराया वृद्धि का मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। मतदान के बाद अब नगर निगम प्रशासन ने किराया वृद्धि को लागू करने से पहले दुकानों की पैमाइश के लिए टीमें गठित कर दी हैं।
अवर अभियंता महेंद्र सिंह बिष्ट और कुंदन सिंह सिजवाली के नेतृत्व में टीमें 1190 दुकानों की पैमाइश करेंगी। पैमाइश के बाद किराया वृद्धि लागू होगा। कई दुकानों का सालों से किराया बकाया है। वित्तीय वर्ष के आखिर तक बकाया वसूली के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
अर्बन प्लानर ने संभाला चार्ज
नगर निगम में अर्बन प्लानर राहुल कुमार ने पद संभाल लिया है। अर्बन प्लानर की तैनाती सूडा के तहत हुई है। अर्बन प्लानर नगर निगम के पार्कों के सुंदरीकरण, सड़कों और नालियों के निर्माण, मरम्मत की प्लानिंग करेंगे।
ऑडिट टीम पहुंची
लेखाकार विभाग देहरादून से ऑडिट टीम नगर निगम में पहुंच गई है। टीम नगर निगम के आय एवं व्यय का ऑडिट करेगी और रिपोर्ट शासन को भेजेगी।