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भू कानूनकि दरकारा, तू सुणि ले सरकारा....

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हल्द्वानी पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में हरेला मेले के समापन के अवसर पर आयोजित कवि संमेलन मे?
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हल्द्वानी। पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच हीरा नगर हल्द्वानी में चल रहे पांच दिवसीय हरेला मेले का पुरस्कार वितरण के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन हुए कवि सम्मेलन में कुमाऊंनी कवियों ने हिंदी और कुमाऊंनी में अपनी कविताओं से समां बांध दिया।
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शैलेश सिंह कार्की ने लाल जोड़े चंद गहनों में चंदा सी चमकती है वो, पुष्पलता जोशी पुष्पांजलि ने म्यर शिवज्यू क कैलाश, म्यर शिवज्यू हिमाला कविता सुनाई।
गोविंद बल्लभ बहुगुणा ने भू कानून पर सुनाया कि भू कानूनकि दरकारा, तू सुणि ले सरकारा, खोदि हाली डाना काना, हरैगो कानूना सुनाकर वाहवाही लूटी।
देवकी नंदन सनवाल ने हर्षित हो जन भारत का हरियो भरियो हर खंड है जो, भोपा सिंह बिष्ट ने हमर गौंक पनदा रति ब्यांण काफले कि छापरि कानि में धर पुंजि जां बाजार, नारायण सिंह बिष्ट ने जतु मिलनसार छिया मोहन दा, उतु खुशमिजाज छिया मोहन दा, कवयित्री विजय कुमारी मुक्ता ने इजा तुई छै संसार हमारो, बीना भट्ट ने अन्यार फट्यूणि उज्याव, धर्मेंद्र पांडे ने सुरसुरी हो स्वैंण देखण कविता सुनाई।
इनके अलावा कमल सिंह, नारायण बानठौकी, सुंदर लाल मदन ने भी काव्य पाठ किया।
मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट रहे। मंच के कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्यों और मुख्य अतिथि ने पुरस्कार बांटे। संचालन महासचिव मुकेश शर्मा और प्रदीप उपाध्याय ने किया।
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इस मौके पर मंच अध्यक्ष डॉ. चंद्र शेखर तिवारी, भुवन चंद जोशी, मुकेश चंद्र शर्मा, गोपाल बिष्ट, देवेंद्र तोलिया, एनबी गुणवंत, स्मित तिवारी, लीलाधर पांडे, शोभा बिष्ट, पुष्पा संभल, त्रिलोक बनौली, ललित बिष्ट, तरुण नेगी, नीरज जोशी, पंकज शर्मा, शंभुदत्त, गौरव नौटियाल, राज राणा, जया पाठक मौजूद रहे।
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