हाईकोर्ट ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन, जल विद्युत निगम और विद्युत वितरण निगम के रिक्त पदों पर भर्ती पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तिथि नियत की।
न्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार उत्तराखंड विद्युत संविदा संगठन ने अपने नियमितीकरण को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
संविदा कर्मियों के अनुसार वे तीनों निगमों में उपनल के माध्यम से कई वर्षों से कार्यरत हैं तथा अपने-अपने पदों की योग्यता रखते हैं। किंतु इन निगमों द्वारा सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति की जा रही है, जो गलत है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने तीनों निगमों के रिक्त पदों पर भर्ती पर रोक लगा दी है।