आखिर सील हो गई हीरानगर में शराब की दुकान
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हीरानगर में शराब के ठेके के विरोध में महिलाओं ने आत्मदाह की चेतावनी दी तो प्रशासन हरकत में आ गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने कानून व्यवस्था भंग होने की आशंका मेें बंद दुकान को अग्रिम आदेश तक के लिए सील कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद महिलाओं ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया।
हीरानगर रोड पर देर रात तक चक्काजाम करने के बाद पार्षद शोभा बिष्ट सहित पांच महिलाओं ने रविवार को आत्मदाह करने की चेतावनी दी। थी। इसके बाद भी वे शराब की दुकान के सामने नारेबाजी करती हुई धरना देने लगीं।
स्थिति को गंभीर मानते हुए सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा दुकान के सामने पहुंचे तो महिलाएं मुर्दाबाद का नारा लगाने लगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने महिलाओं के रुख पर नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल प्रभाव से दुकान को सील करने का निर्देश दिया।
पुलिस ने दुकान को सील किया तो आंदोलनरत पार्षद शोभा बिष्ट दिप्ती तिवारी, अंबा जोशी सहित अन्य महिलाएं काफी खुश हो गई और सिटी मजिस्ट्रेट जिंदाबाद नारे लगाने लगी। सिटी मजिस्ट्रेट के एतराज जताने पर नारेबाजी बंद हो गई। उन्होंने बताया कि शराब ठेके के पिछले हिस्से में आंगनबाड़ी केंद्र है। दक्षिण में केबीएम स्कूल का गेट है।
राजनीतिक विद्वेष के चलते दुकान सील कराई गई
शराब के ठेकेदार लाखन सिंह बिष्ट का दावा है कि हीरानगर की सील दुकान मानक के अनुरूप है। आबकारी विभाग ने दुकान का प्रतिमाह 38 लाख 82 हजार रुपये अधिभार निर्धारित किया था। 12 मई को आनलाइन दुकान के लिए उन्होंने तीन लाख 32 हजार की फीस जमा की थी।
आरोप लगाया कि राजनीतिक विद्वेष के चलते पार्षद ने कुछ महिलाओं को लेकर धरना प्रदर्शन किया। इसी कारण दुकान बंद रही और उसे काफी नुकसान पहुंचा है।