राज्यपाल के दो सलाहकारों ने गुरुवार को यहां जिले के आला अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्यों को गंभीरता से निपटाने के निर्देश दिए। जिले के विभिन्न स्थानों पर होने वाले अवैध खनन को लेकर दोनों सलाहकार बेहद गंभीर नजर आए। उन्होंने खनन की रिपोर्ट शुक्रवार तक राजभवन भेजने के निर्देश दिए।
राज्य अतिथि गृह में हुई बैठक के दौरान सलाहकार रविंद्र सिंह ने गत वर्ष की जिला योजना, राज्य और केंद्र पोषित योजनाओं में हुए व्यय समीक्षा की। जिलाधिकारी दीपक रावत विभिन्न योजनाओं में हुए खर्च की जानकारी दी। सिंह ने स्वास्थ्य अधिकारियों को अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध कराने को कहा और स्वास्थ्य कार्ड की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में डायरिया हो रहा है वहां पानी की जांच कराएं और पानी में क्लोरीन डलवाएं। उन्होंने मनरेगा के तहत जंगलों में चाल-खाल, बटिया सफाई, फायर लाइन बनाने के प्रस्ताव भेजें।
उन्होंने प्रधानमंत्री सड़क योजना में 250 आबादी वाले गांवों को शीघ्र जोड़ने के प्रस्ताव व आंगणन बनाने के निर्देश दिए। वनाधिकारियों को निर्देश दिए कि वह जनता, वन पंचायतों अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर वन सुरक्षा हेतु फायर लाइन बनाने, पौधरोपण, नर्सरी आदि निर्माण हेतु कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने झील विकास प्राधिकरण के सचिव को निर्देश दिए कि वह नैनीताल महा योजना में बदलाव करते हुये मास्टर प्लान तैयार करें।
जिसमें पेयजल, सीवरेज के साथ ही भवन निर्माण में बेसमेंट पार्किंग का उल्लेख हो और नैनीताल के इर्दगिर्द पार्किंग के लिए भूमि चयन करें तथा उसका नोटिफिकेशन कराएं। बैठक में मंडलायुक्त एएस नयाल, डीआईजी पुष्कर सिह सैलाल, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल, सीडीओ ललित मोहन रयाल, अपर पुलिस अधीक्षक हरीश चंद्र सती, एडीएम आरडी पालीवाल, बीएल फिरमाल, सीएमओ डा. एलएम उप्रेती, ईई मो. उसमान, रोहिताश शर्मा, प्राधिकरण सचिव सीएस मर्तोलिया, संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष चौहान, डीडीओ एसएस गुंज्याल, जगदीप चौधरी आदि मौजूद थे।