खगोल प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए सोमवार की शाम एक बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक दृश्य लेकर आ रही है। आज सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आकाश में तीन खगोलीय पिंड हंसियाकार चंद्रमा (क्रिसेंट मून), चमकीला शुक्र और सूर्य के सबसे नजदीक रहने वाला बुध ग्रह एक साथ नजर आएंगे। ये तीनों मिलकर आसमान में एक खूबसूरत त्रिकोणीय युति का निर्माण करेंगे।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आज की सबसे बड़ी घटना बुध ग्रह का सूर्य से अपने अधिकतम पूर्वी कोणीय झुकाव पर पहुंचना है। भारतीय समयानुसार आज बुध ग्रह सूर्य से पूर्व की ओर लगभग 25 डिग्री की अधिकतम कोणीय दूरी पर स्थित होगा। चूंकि बुध ग्रह सूर्य के अत्यंत निकट परिक्रमा करता है इसलिए सामान्य दिनों में यह सूर्य की तीव्र चकाचौंध में छिपा रहता है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार, इस स्थिति में आने पर बुध ग्रह सूर्य के अस्त होने के बाद भी क्षितिज पर कुछ देर तक चमकता रहता है। वैज्ञानिकों और शौकिया खगोलविदों के लिए इस रहस्यमयी और सौरमंडल के सबसे छोटे ग्रह का अध्ययन व फोटोग्राफी करने का यह साल का सबसे बेहतरीन अवसर है।
कैसे और कब देखें यह नजारा
एरीज विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. वीरेंद्र यादव के मुताबिक, इस घटना को देखने का सबसे सही समय सूर्यास्त के ठीक 30 से 45 मिनट बाद होगा। पश्चिमी दिशा में जहां सूरज डूबता है, ठीक उसी ओर नीचे की तरफ देखने पर यह दुर्लभ त्रिकोण दिखाई देगा। उन्होंने सलाह दी है कि इस दृश्य को स्पष्ट देखने के लिए किसी ऊंचे स्थान या खुले मैदान में जाएं जहां पश्चिमी क्षितिज के सामने पेड़ या इमारतें न हों।