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Uttarakhand: समय के साथ उधड़ने लगी हथकरघे से बुनी विरासत, इस कारण प्रभावित हो रहा कारोबार

Fri, 07 Aug 2026 12:35 PM IST
Heera राजेंद्र सिंह बिष्ट

सार

हथकरघा उत्पाद आज भी मशीनों और बड़े ब्रांडों के बीच बेहतर गुणवत्ता, प्राकृतिक रेशों, आरामदायकता और टिकाऊपन के कारण अलग पहचान बनाए हुए हैं। आधुनिक दौर में भी ग्राहक इन्हें पसंद कर रहे हैं। 
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गांधी आश्रम फतेहपुर में धूल खाता हथकरघा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाजार में मशीन से तैयार कपड़ों और बड़े ब्राडों की भरमार के बावजूद हथकरघा से बने उत्पाद आज भी अलग पहचान बनाए हुए हैं। बेहतर गुणवत्ता, प्राकृतिक रेशों, आरामदायक और लंबे समय तक टिकाऊ होने के कारण खादी एवं हैंडलूम उत्पादों की मांग बनी हुई है। यही वजह है कि आधुनिक दौर में भी बड़ी संख्या में ग्राहक हथकरघा से तैयार उत्पादों को पसंद कर रहे हैं। हर वर्ष सात अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस इसी परंपरा और बुनकरों के योगदान को सम्मान देने का अवसर है।

 

हल्द्वानी बाजार के गांधी आश्रम के व्यवस्थापक प्रमोद कुमार भट्ट ने बताया कि खादी ग्रामोद्योग से जुड़ी संस्थाओं द्वारा तैयार उत्पादों की मांग पूरे वर्ष बनी रहती है। खासकर खादी की बेडशीट, रजाई, कंबल, तौलिया, कॉटन कपड़ा, कुर्ता-पायजामा, साड़ी, दुपट्टा और गमछा खरीदने के लिए लोग गांधी आश्रम पहुंचते हैं। ये उत्पाद गर्मियों में आरामदायक और लंबे समय तक उपयोगी रहते हैं।

 

हैंडलूम कारोबारी ऋषभ अरोरा ने बताया कि ग्राहकों का रुझान अब केवल कपड़ों तक सीमित नहीं है। घरों में उपयोग होने वाली खादी की बेडशीट, कंबल, रजाई और तौलियों की भी अच्छी मांग रहती है। उनका कहना है कि टिकाऊपन, बेहतर फिनिश और पारंपरिक डिजाइन के कारण लोग आज भी हथकरघा उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं।

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इस कारण प्रभावित हो रहा कारोबार

  • समय पर सूत और कच्चा माल उपलब्ध नहीं।
  • कार्यशील (तरल) पूंजी का अभाव।
  • उत्पादन घटने से नियमित रोजगार नहीं।
  • बुनकरों और कत्तिनों की कम मजदूरी।
  • युवाओं की घटती रुचि।
  • मशीन निर्मित कपड़ों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा।


भारत सरकार से पर्याप्त तरल पूंजी नहीं मिलने के कारण संस्थान कच्चा माल खरीदने में सक्षम नहीं है। परिणामस्वरूप उत्पादन लगभग ठप है। दूसरी ओर बुनकरों और कत्तिनों की मजदूरी भी इतनी कम है कि नई पीढ़ी इस पेशे से जुड़ना ही नहीं चाहती। - अभय कुमार वर्मा, क्षेत्रीय सचिव, गांधी आश्रम

 

हैंडलूम उत्पादों की कीमतें

उत्पाद कीमतें

बेडशीट ₹350 से ₹5,000

रजाई ₹1,200 से ₹13,000

कंबल ₹1,000 से ₹20,000-22,000

कॉटन कपड़ा ₹150 प्रति मीटर से

तौलिया ₹150 से ₹2,500

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