फिल्म शोले में बसंती का यादगार किरदार निभाने वाली अभिनेत्री हेमा मालिनी का हेलीकाप्टर शनिवार को रामगढ़ ब्लाक के रीठा पोखरा स्थित मैदान में नहीं उतर सका। इससे सुबह से बसंती के दीदार को उमड़े जनसैलाब को घंटों के इंतजार के बाद निराश होकर लौटना पड़ा।
शनिवार को भीमताल विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी गोविंद सिंह बिष्ट के समर्थन में सिने अभिनेत्री हेमा मालिनी को रीठा पोखरा के मैदान में दोपहर एक बजे चुनावी जनसभा को संबोधित करना था। सभास्थल से ही कुछ दूरी पर एक खेत में सिने अभिनेत्री के हेलीकाप्टर की लैंडिंग के लिए अस्थाई हेलीपैड बनाया गया था।
हेमा मालिनी के दीदार और उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग सुबह से रीठा पोखरा स्थित रामलीला मैदान में पहुंचने लगे थे। दोपहर तक मैदान खचाखच भर गया। इनमें महिलाओं की तादाद सबसे अधिक थी।
लगभग दो घंटे देरी के बाद दोपहर करीब तीन बजे अभिनेत्री का हेलीकाप्टर हवा में नजर आया तो मैदान में जमा लोग हाथ हिलाकर और नारे लगाकर हेमा मालिनी का अभिवादन करने लगे। पायलट ने अस्थाई हेलीपैड में हेलीकाप्टर को उतारने का प्रयास किया लेकिन वह सफल नहीं हुआ।
इसके बाद पायलट ने हवा में एक चक्कर काटकर दुबारा उसे उतारने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इस पर पायलट हेलीकाप्टर लेकर रुड़की की ओर रवाना हो गया। दूसरी ओर जिस वक्त हेलीकाप्टर हवा में चक्कर काट रहा था।
मुख्य मंच पर भाजपा प्रत्याशी गोविंद सिंह बिष्ट, पूर्व सांसद बलराज पासी, पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र ढैला, नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश नेगी, पूर्व प्रमुख लाखन सिंह और मीडिया प्रभारी हरीश जोशी राहुल आदि बेसब्री से सिने अभिनेत्री का इंतजार कर रहे थे।
जब देर तक हेमा मालिनी मुख्य मंच पर नहीं पहुंची तो दर्शक दीर्घा में हलचल शुरू होने लगी। लोगों को संबोधित कर रहे पूर्व सांसद बलराज पासी कुछ देर तक अपने शब्दजाल से लोगों को बांधने का प्रयास करते रहे लेकिन बाद में जब लोगों को पता चला कि हेमा मालिनी का हेलीकाप्टर वापस लौट गया है तो दूर दराज से पहुंचे लोग भी निराश होकर लौटने लगे।
लचर प्रबंधन का नतीजा रहा हेलीकाप्टर का न उतर पाना
भाजपा की चुनावी रैली के आयोजकों के गलत प्रबंधन के चलते शनिवार को सिने अभिनेत्री हेमा मालिनी का हेलीकाप्टर रीठा पोखरा में नहीं उतर सका। आयोजकों द्वारा सभास्थल से कुछ दूरी पर स्थित एक छोटे से खेत में हेलीकाप्टर की लैंडिंग के लिए अस्थायी हेलीपैड बनाया गया था।
हालांकि पहले कई बार यहां हेलीकाप्टर उतर चुके हैं लेकिन इस बार जिस हेलीकाप्टर में हेमा मालिनी सवार थीं वह सात सीटर होने के कारण चौपर से कुछ बड़ा था। पूर्व में इस खेत का क्षेत्रफल अधिक था जबकि अब खेत के किनारे मकान बनने के कारण उसका क्षेत्रफल काफी कम हो गया है।
इसके अलावा खेत के समीप की पहाड़ी पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे और खेत के ठीक सामने की ओर बिजली की लाइन होने के साथ साथ खाई भी थी। माना जा रहा है कि इन्हीं तमाम कारणों के चलते पायलट ने हेलीकाप्टर की लैंडिंग नहीं की और वापस लौट गया।