जो कार्य राज्य बनने के बाद सत्ता में आई भाजपा और कांग्रेस की सरकार 14 साल में नहीं कर सकी वह ओखलकांडा ब्लाक के हरीशताल के ग्राम प्रधान केडी रूबाली ने डेढ़ माह में कर दिखाया। रूबाली ने ग्रामीणों के सहयोग से तोक गाजा से हरीशताल तक चार किमी लंबी सड़क बनाकर गांव की तरक्की का रास्ता तो खोला ही, सरकार को आइना भी दिखाया।
तोक गाजा से हरीशताल तक पहुंचने के लिए लोगों को पैदल बटिया से होकर जाना पड़ता था। क्षेत्र के लोग पिछले कई सालों से सीएम, सांसद, विधायक और जिला प्रशासन तक से गाजा से हरीशताल तक सड़क बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन किसी ने भी इसकी सुध नहीं ली। दिसंबर के पहले सप्ताह में ग्राम प्रधान रूबाली ने चार किमी लंबी बटिया को सड़क का रूप देने के लिए ग्रामीणों से सहयोग की अपील की।
इसके लिए पैसे की कमी सामने आ रही थी। हरीशताल समेत आसपास के कई गांवों के लोगों ने सड़क निर्माण के लिए आपस में चंदा किया। इतना चंदा जमा नहीं हो सका कि मजदूर लगाकर चार किमी सड़क बनाई जा सके। ऐसे में ग्राम प्रधान रूबाली ने मजदूर लगवाकर उक्त बटिया को सड़क में तब्दील कराया। इस कार्य में खर्च हुई धनराशि का एक बड़ा हिस्सा स्वयं ग्राम प्रधान रूबाली ने अपनी जेब से लगाया। रूबाली ने बताया कि 16 दिसंबर से सड़क निर्माण का काम शुरू हुआ था जो 17 फरवरी को पूरा हो गया।
अब इस सड़क में हरीशताल तक हल्के वाहन चल रहे हैं। उनका कहना है कि उक्त सड़क को हरीशताल से आगे सत्यूरा तोक से गौनियारों में सड़क से जोड़ने के लिए वह काम करेंगे। उन्होंने बताया कि दीवार आदि का कार्य मनरेगा के जरिये कराया जा रहा है। इधर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता दयानंद सनवाल, आरडी भट्ट, पूरन चंद्र भट्ट और अशोक कुमार आर्या ने ग्राम प्रधान की इस पहल को सराहनीय बताया है।